दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने शराब घोटाले को लेकर भाजपा पर हमला बोला। आतिशी ने कहा, 'पिछले 2 साल से ईडी शराब घोटाले की जांच कर रही है। दो साल से ईडी मामले में मनी ट्रेल ढूंढ रही है। उन्हें (ईडी) आज तक आप के किसी भी नेता के पास मनी ट्रेल का एक रुपया भी नहीं मिला। संजय सिंह के ज़मानत के वक्त जब मनी ट्रेल पर सवाल उठे तब ईडी के पास कोई जवाब नहीं था। मनी ट्रेल न मिलने के बावजूद आप के कई नेता को गिरफ़्तार किया गया। 21 मार्च 2024 को पहली बार मनी ट्रेल के पुख्ता प्रमाण सामने आए कि किसने पैसे लिए, किसको दिए, कहां दिए और कब दिए। इसके आधार पर भी ईडी ने कुछ नहीं किया क्योंकि यह मनी ट्रेल शराब कारोबारी शरद रेड्डी के खाते से भाजपा के खाते में जा रही है।'
आतिशी ने कहा, 'दो साल से ईडी तथाकथित शराब घोटाले की जांच कर रही है, मनी ट्रेल ढूंढ रही है। लेकिन आप के किसी भी नेता से एक रुपये की मनी ट्रेल नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार ईडी से पूछा कि मनीष सिसोदिया और संजय सिंह से जुड़ी मनी ट्रेल कहां हैं? ईडी के पास कोई जवाब नहीं था। तभी सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जिस 100 करोड़ के मनी ट्रेल की बात ईडी कर रही है। वो संदेहास्पद है, इस मनी ट्रेल को साबित नहीं किया जा सकता।'
उन्होंने आगे कहा कि ईडी ने बिना मनी ट्रेल मिले मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और सीएम केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन पहली बार 21 मार्च को मनी ट्रेल का का पुख़्ता सुबूत आया। 16 दिन हो गए, ईडी ने कितने समन भेजे? कितने छापे मारे कितनी गिरफ्तारियां की? यह मनी ट्रेल शराब कारोबारी शरथ रेड्डी से सीधा भाजपा के खाते में गई है।
ईडी से 'आप' के पांच सवाल
पहला सवाल, आरोपी शरथ चंद्र रेड्डी ने भाजपा को 55 करोड़ दिए, देश के सामने मनी ट्रेल की लिस्ट आए 16 दिन हो गए, जिसमें स्पष्ट है कि ये लेनदेन शराब नीति लागू होने के समय नहीं, बल्कि ईडी की जांच शुरू होने के बाद हुआ, इस पर क्या जांच की है? क्यों नहीं हो रही जांच।
दूसरा सवाल, ईडी बार-बार कह रही है कि हम आम आदमी पार्टी को भी आरोपी बनाने की सोच रहे हैं, क्योंकि अभी भी 2 साल की जांच के बाद ये आशंका है कि मनी ट्रेल आम आदमी पार्टी के पास गया होगा, जबकि इसके कोई सबूत भी नहीं हैं। एक चवन्नी भी बरामद नहीं हुई। ईडी को इसका जवाब देना होगा कि जिस बीजेपी के पास 55 करोड़ रुपये की मनी ट्रेल मिली, उसे अब तक आपने आरोपी क्यों नहीं बनाया?
तीसरा सवाल, ईडी ने बिना किसी सबूत के फर्जी गवाह शरथ चंद्र रेड्डी, मगुंटा रेड्डी और राघव मगुंटा के बयान के आधार पर चुने हुए सिटिंग मुख्यमंत्री को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन जिस पार्टी के खाते में 55 करोड़ रुपये की मनी ट्रेल पाई गई, उस पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा से क्या पूछताछ की गई? चौथा सवाल, एक तरफ ईडी बिना किसी सबूत के गोवा में आप के नेताओं पर सवाल उठाती है, उनको समन भेजकर पूछताछ करती है, लेकिन कथित शराब घोटाले के मुख्य आरोपी राघव और मगुंटा रेड्डी को बीजेपी एक के बाद एक इनाम दे रही है। ईडी इन सब चीजों की जांच क्यों नहीं कर रही? इनके और बीजेपी में क्या लेनदेन हुए हैं, इसकी जांच क्यों नहीं होती? जुलाई 2023 में ये घटना घटती है, उन्हें जमानत मिलती है और मार्च 2024 में लोकसभा का टिकट मिलता है।
पांचवां सवाल, दो साल पहले गोवा में चुनाव हुए थे और आज भी ईडी हमारे कार्यकर्ता और ठेकेदारों से सवाल पूछ रही है कि अगर आपने 100 कुर्सियां लगाईं तो उसका खर्चा कैसे उठाया या पोस्टर्स का खर्चा कैसे निकाला? जबकि मगुंटा रेड्डी लोकसभा चुनाव में भाग ले रहे हैं। वे चुनाव प्रचार कर रहे हैं, और हर जगह मोदी जी की तस्वीर लगा रहे हैं। इनका खर्चा कौन उठा रहा है। इसकी जांच क्यों नहीं हो रही है।