सीएम ने कहा कि वास्तविक समय के आधार पर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने के हमारे नवीनतम प्रयास ने परिणाम दिखाना शुरू हो गए हैं। इस तरह की कवायद भारत में पहली बार हो रही है। उन्होंने कहा कि हम इसके लिए सबसे अच्छी तकनीक और विशेषज्ञों का उपयोग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। वास्तविक समय के आधार पर की जा रही स्त्रोतों की पहचान के परिणाम दिखाने शुरू हो गए हैं। नवंबर 2022 में पर्यावरण विभाग के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली के आनंद विहार में प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय सुधार के बारे में एक मीडिया रिपोर्ट का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार सर्वश्रेष्ठ तकनीक का उपयोग कर रही है।
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उन्होंने ट्विटर पर कहा कि वास्तविक समय के आधार पर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने के हमारे नवीनतम प्रयास ने परिणाम दिखाना शुरू हो गए हैं। इस तरह की कवायद भारत में पहली बार हो रही है। उन्होंने कहा कि हम इसके लिए सबसे अच्छी तकनीक और विशेषज्ञों का उपयोग कर रहे हैं। इससे पहले 31 जनवरी को संसद में पेश किए गए 2022-23 के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि वायु गुणवत्ता(एक्यूआई) के परिणाम अच्छे, संतोषजनक और मध्यम दिनों की संख्या 2016 में 108 की तुलना में बढ़कर 2021 में 197 हो गई।
इसने आगे कहा कि खराब और बेहद खराब और गंभीर दिनों की संख्या 2016 में 246 की तुलना में 2021 में घटकर 168 हो गए। शून्य और 50 के बीच एक एक्यूआई को अच्छा, 51 और 100 को संतोषजनक, 101 और 200 को मध्यम, 201 और 300 को खराब, 301 और 400 बहुत खराब, और 401 और 500 गंभीर स्तर है।