दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस) के चार गुर्गों को देश भर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने और आतंकी समूह के लिए सदस्यों की भर्ती करने का दोषी ठहराया।
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विशेष न्यायाधीश संजय खानगवाल ने मौलाना मोहम्मद अब्दुल रहमान कासमी, मोहम्मद आसिफ, जफर मसूद और अब्दुल सामी को यह कहते हुए दोषी ठहराया कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत अपने आरोप साबित करने में सक्षम था। अदालत 14 फरवरी को सजा की मात्रा पर बहस सुन सकती है और दोषियों को आजीवन कारावास की अधिकतम सजा का सामना करना पड़ सकता है।