अरविंद केजरीवाल ने बसों को दिखाई हरी झंडी
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सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, जीपीएस यूनिट सहित दूसरी आधुनिक सुविधाओं से युक्त 50 एसी लो फ्लोर सीएनजी बसों को मंगलवार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजघाट के क्लस्टर डिपो से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर बस लेन प्रवर्तन और सड़क सुरक्षा के लिए 66 वाहनों भी परिवहन विभाग को सौंपे गए। इससे संकरी सड़कों पर भी विभाग आसानी से कार्रवाई कर सकेगा।
इस मौके पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2025 तक दिल्ली के परिवहन (बस) बेड़े की 80 फीसदी बसें इलेक्ट्रिक होंगी। फिलहाल दिल्ली की सड़कों पर 250 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। अगले साल तक 1500 और नई इलेक्ट्रिक बसों को उतारने के लिए टेंडर कर दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवंबर 2023 तक दिल्ली की सड़कों पर 1800 इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों को सेवाएं देने लगेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में आधुनिक परिवहन व्यवस्था लागू करना चाहता हूं। मेरा सपना है कि दुनिया के विकसित देश के शहरों की तरह हो। कई वर्षों तक दिल्ली में बसों की खरीद नहीं हुई। हमेशा बसों में यात्रियों की भीड़ दिखती थी। पिछले कुछ वर्षो में दिल्ली में नई बसें शामिल की जा रही हैं। इसके तहत दिल्ली परिवहन निगम और क्लस्टर के बेड़े में इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसें शामिल की गई हैं। इसी क्रम में 50 लो फ्लोर एसी बसें भी परिवहन बेड़े में शामिल की गई हैं।
बवाना डिपो से क्लस्टर के छह नए मार्गों पर चलेंगी 50 बसें
50 नई बसें बवाना डिपो से अलग अलग रूट पर रवाना होंगी। इनके छह नए रूट होंगे। अभी तक क्लस्टर बसें 360 रूट पर चल रही थीं। वहीं, दिल्ली के बस बेड़े में इस वक्त 7,320 बसें हैं। इनमें डीटीसी की 4010 जबकि क्लस्टर की 3310 बसें क्लस्टर हैं। इसके अलावा 250 इलेक्ट्रिक बसें हैं। 2025 के अंत तक दिल्ली में 10,380 बसें होंगी। इनमें 8180 यानी 80 फीसदी बसें इलेक्ट्रिक होंगी।