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Delhi: कीट पतंगों के लिए अरावली जैव विविधता पार्क बन रहा मुफीद, एक एकड़ में फैली संरक्षिका

Sun, 28 May 2023 09:12 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

एक एकड़ में फैली इस संरक्षिका में दुर्लभ प्रजाति के कीट भी देखने को मिल रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में मधुमखी, तितली शामिल हैं। 
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अरावली जैव विविधता पार्क - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अरावली जैव विविधता पार्क कीट-पतंगों के लिए मुफीद जगह बन रहा है। यहां इनकी संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। कीट-पतंगों को बचाने के लिए दिल्ली में यह पहली संरक्षिका है। एक एकड़ में फैली इस संरक्षिका में दुर्लभ प्रजाति के कीट भी देखने को मिल रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में मधुमखी, तितली शामिल हैं। 

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विशेषज्ञों के मुताबिक, यह जगह इन्हें काफी पसंद आ रही है। यहां न तो किसी रसायन का इस्तेमाल किया जा रहा है और न ही कीटनाशक का। पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पौधों और जानवर दोनों के अस्तित्व और भलाई के लिए आवश्यक हैं। दिल्ली के वातावरण को मौसम के अनुकूल बनाए रखने और पेड़-पौधों को उपजाऊ बनाने में खासा महत्व रखते हैं।

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खेतों में पैदावार बढ़ाने के लिए कीटनाशक व रसायन का इस्तेमाल करने से कीटों की संख्या में भारी गिरावट आ रही है, इसलिए यह चिंता का विषय है। वर्ष 2020 में इस प्रक्रिया को लाने की तैयारी चल रही थी, जिसमें 3 माह पहले से इसमें बढ़े स्तर पर कार्य किया। इसका असर देखने को मिल रहा है। लोगों को जागरूक कर इनकी भूमिका के बारे में बताया जाएगा। -डॉ. शाह हुसैन, इंचार्ज, अरावली जैव विविधता पार्क

फसल परागणक में अहम भूमिका निभाते हैं कीट
जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से खेत-खलिहानों में पाए जाने वाले सामान्य कीटों की संख्या में कमी आई है। यह कीड़े हमारे ग्रह के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, वे कीट प्रजातियों को नियंत्रण में रखने में मदद करते हैं और मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने की प्रक्रिया का प्रमुख हिस्सा होते हैं, उड़ने वाले कीड़े कई प्रमुख खाद्य फसलों के प्रमुख परागणक भी होते हैं।

पारिस्थितिकी तंत्र को स्वस्थ बनाने में करते हैं मदद
वर्तमान में देश जलवायु परिवर्तन की समस्या से जूझ रहा है। इसका मनुष्य पर ही नहीं, जीव-जंतुओं पर भी प्रभाव पड़ रहा है। खेतों में अधिक पैदावार बढ़ाने के लिए कीटनाशक व रसायन का अधिक इस्तेमाल करने से कीट-पतंगों पर इसका प्रतिकूल असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में अरावली जैव विविधता पार्क इनके लिए नया आशियाना बन रहा है। यह पारिस्थितिकी तंत्र को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं। जैव विविधता पार्क के अधिकारी ने बताया कि शहरी जनजीवन के लिए इनका संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। पार्क के भीतर इनकी आबादी को संरक्षित करने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदाय के बीच उनके महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल रही है। उन्होंने बताया कि वे इनकी प्रजातियों के बारे में भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसमें से कई प्रजातियां अभी भी खोजे जाने की प्रतीक्षा कर रही हैं।
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