इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दिल के रोगियों को एंटीबॉयटिक दवाईयों से सावधान रहने की सलाह दी है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एसएस अग्रवाल व जनरल सेक्रेटरी केके अग्रवाल का कहना है कि एरिथ्रोमाइयसिन अचानक मौत होने और दिल की धड़कन तेज होने का कारण बन सकती है।
क्लैरिथ्रोमाईसिन ना सिर्फ दिल की वजह से मौत के खतरे को बढ़ाती है बल्कि अनेक तरह की मौत के कारणों का भी कारण बन सकता है।
उन्होंने यह भी कहा हैकि ज्यादा दिनों तक प्रयोग करने से एंटीबायटिक से डीसीज रिसीटेंट पैदा कर सकते है और दिल के दौरे व जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते है।
जब तक बेहद जरूरी ना हो डॉक्टरों को भी सलाह दी जाती है कि जांच परिणाम आने व लक्ष्णों के विकसित होने पर ध्यान दे। हाल में ही वर्ल्ड हेल्थ ऑगनाइजेशन ने एक एडवाइजरी जारी की है जिसमें एंटीबायटिक्स के अत्याधिक प्रयोग को दवाईयों का असर कम करने, लगातार संक्रमण व इलाज सफल ना होने का कारण बताया है।