इससे पहले जून के तीसरे सप्ताह में एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर राहत की मांग की थी। उपराज्यपाल को भेजे पत्र में एसोसिएशन ने कहा है कि बीते दो सालों से सरकारी स्कूलों में पढने वाले अभिभावकों के बच्चे कठिनाई का सामना कर रहे हैं। कोरोना महामारी के कारण प्राइवेट स्कूलों की फीस भर ना पाने के कारण कई परिवारों ने अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करवा दिया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि कोरोना काल के पहले दिल्ली सरकार ने सभी बच्चों की फीस का भुगतान किया था। बीते दो साल में इस संबंध में किए गए हमारे अनुरोध को सरकार ने आर्थिक स्तिथि का हवाला देते हुए स्वीकार नहीं किया था। अब दिल्ली की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। दिल्ली सरकार को पहले पत्र लिखा गया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।