पिछले सप्ताह बाहरी दिल्ली के अलीपुर इलाके में एक फैक्टरी में लगी भीषण आग पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने उत्तरी दिल्ली के डीएम, औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशक और दो अन्य सहित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
नोटिस में हादसे का कारण, पीड़ितों को मुआवजे का भुगतान, पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन और पर्यावरण के उल्लंघन के लिए इकाई के खिलाफ की गई कार्रवाई से संबंधित मुद्दों की जानकारी मांगी गई है। एनजीटी 15 फरवरी को हुए अग्निकांड के संबंध में एक अखबार की रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई कर रही थी। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई थी।
अधिकारियों ने त्रासदी के बाद कहा था कि जिस इमारत में आग लगी थी, उसका इस्तेमाल अवैध रूप से रासायनिक पेंट मिलाने के लिए किया जा रहा था। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने कहा, ऐसा लगता है कि घटना खतरनाक पदार्थ की वजह से हुई, और यह सार्वजनिक दायित्व बीमा अधिनियम 1991 का उल्लंघन है। समाचार में प्रकाशित खबर में पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया है।