फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MCD चुनाव में हार के बाद माकन का इस्तीफा, कहा- एक साल तक कार्यकर्ता की तरह करूंगा काम

Thu, 27 Apr 2017 10:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
Ajay Makan - फोटो : PTI
विज्ञापन
 दिल्ली में कांग्रेस की हार पर विरोधी ज्यादा शोर ना मचाए, इसलिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने अपनी ही उम्मीद पर खरे नहीं उतरने का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भेजा है।
विज्ञापन


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वो कम से कम एक साल पार्टी में कोई पद नहीं लेंगे और विचारधारा से जुड़ा हूं। कार्यकर्ता की तरह काम करूंगा। हालांकि, केन्द्रीय नेतृत्व ने अजय माकन के इस इस्तीफे को स्वीकार किया या नहीं खबर लिखे जाने तक कुछ साफ नहीं था। 

अजय माकन ने कहा है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मुझे पूरी स्वतंत्रता दी। एमसीडी चुनाव में विधानसभा चुनाव 2015 के मुकाबले वोट प्रतिशत करीब 12 फीसदी बढ़ा है।
विज्ञापन


उससे पहले 2013 विस चुनाव में 24.5 फीसदी मिले थे और लोकसभा 2014 में 15 फीसदी वोट थे। मसलन कांग्रेस ने इस चुनाव में वापसी की है। लेकिन मुझे इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी।
विज्ञापन

शीला दीक्षित ने हार के लिए माकन को ठहराया जिम्मेदार

शीला दीक्षित - फोटो : amar ujala
इसलिए पार्टी अध्यक्ष को मैंने इस्तीफा भेजा है। माकन ने खराब प्रदर्शन के पीछे चुनाव के अंतिम सप्ताह में पार्टी के बड़े नेताओं की तरफ से माहौल बिगाड़ने को भी कारण माना है। राजौरी गार्डन और निगम के पिछले चुनाव में वोट प्रतिशत को लेकर माकन ने कहा है कि उससे कम जरूर रहे हैं लेकिन इसके पीछे कई कारण हैं।  

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दिल्ली में कांग्रेस की हार के लिए प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन को जिम्मेदार ठहराया। शीला ने कहा है कि नेतृत्व माकन के हाथ में था तो हार की जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है। चुनाव के दौरान अगर नेता नाराज होते हैं तो जिसके हाथ में कमान होती है, उन्हें मनाना होता है। लेकिन दिल्ली में इससे ठीक उल्टा हुआ है। 

शीला दीक्षित ने कहा, यह जनादेश है, सम्मान के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए। कांग्रेस एमसीडी चुनावों में तीसरे पायदान पर रही। किसी भी कद्दावर नेता ने इन 270 वार्डों में प्रचार नहीं किया।

खुद के प्रचार नहीं करने पर शीला दीक्षित ने कहा कि पार्टी ने उन्हें आमंत्रित नहीं किया। मैं अपने आप से तो ऐसा नहीं कर सकती थी। शीला दीक्षित ने यह भी कहा कि जब भी हम हारते हैं तो कुछ ना कुछ सीखते हैं।      
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें