सम-विषम फॉर्मूला हिट होने के बाद अब प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए बाकी कदम पर सरकार ने काम तेज करने का फैसला किया है। प्रदूषण मामलों की समिति के अध्यक्ष मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि वाहन प्रदूषण पर सम-विषम फॉर्मूले से फर्क पड़ा है।
यह फॉर्मूला शुक्रवार को समाप्त हो रहा है। अब धूल नियंत्रण (डस्ट कंट्रोल) और घास-पत्ते जलाने से प्रदूषण रोकने की कार्रवाई तेज की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि अभी तक डीएमआरसी की 14 निर्माण साइट्स समेत एक हजार से ज्यादा चालान किए गए हैं।
इससे करीब 75 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। राजस्व विभाग ने धूल नियंत्रण में 373 चालान किए, जिससे 41 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
धूल नियंत्रण के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा
पूर्वी एमसीडी, दक्षिण एमसीडी और उत्तरी एमसीडी ने 667 चालान किए हैं, जिससे 25.25 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। इसके अलावा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की 12 टीमों ने चालान से 4 लाख रुपये जुर्माना वसूला है।
एसडीएम और डीपीसीसी की टीमों ने पिछले दो महीने में 20 हजार मीटर से बड़े 48 साइट्स का निरीक्षण किया, जिसमें 46 साइट्स पर धूल नियंत्रण के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था।
इसके लिए इन साइट्स पर चालान काटे गए। 15 दिन बाद जब दूसरी बार टीम निरीक्षण करने पहुंची, तो 42 साइट्स का फिर से चालान किया गया। निर्माण साइट्स पर दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।
दक्षिण एमसीडी में पार्क सुपरवाइजर का निगम ने काटा चालान
सत्येंद्र जैन ने बताया कि घास-पत्ते जलाने के लिए राजस्व विभाग की टीमों ने 61 चालान किए हैं, जिससे 95 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है।
एक हफ्ते में पूर्वी एमसीडी ने 91 चालान किए हैं, जिससे 20 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। दक्षिण एमसीडी ने एक पार्क में घास-पत्ते जलाने के पर अपने सुपरवाइजर पर 5 हजार रुपये का चालान किया।
एनडीएमसी ने 14 चालान किए हैं, लेकिन अभी जुर्माना जमा नहीं हुआ है। वहीं डीडीए ने घास-पत्ते जलाने के लिए कोई चालान नहीं किया है।
बैठक में अधिकारी नदारद, डीडीए की रिपोर्ट से मंत्री नाराज
प्रदूषण मामलों की समिति के अध्यक्ष होने के नाते पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को धूल नियंत्रण और घास-पत्ते जलाए जाने केनियम पालन को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में पीडब्ल्यूडी के अधिकारी शामिल नहीं हुए, जबकि उन्हें 1260 किलोमीटर मेन रोड और मिक्सिंग प्लांट की निरीक्षण रिपोर्ट देनी थी।
मंत्री ने अगली बैठक में अधिकारियों को रिपोर्ट के साथ बुलाया है। बैठक में डीडीए से आए अधिकारी ने बताया कि ओ जोन में कहीं घास-पत्ते जलाने का कोई मामला सामने नहीं आया है।
इस पर मंत्री जैन ने कहा कि कई जगह घास-पत्ते जलते देखा जाता है, लेकिन डीडीए कार्रवाई नहीं करता। सत्येंद्र जैन ने डीपीसीसी अधिकारियों को आदेश दिया है कि डीडीए के ओ जोन क्षेत्र का औचक निरीक्षण करें। जहां कहीं कूड़ा जलाया जा रहा हो, उसका चालान करें। अगली बैठक में कार्रवाई पर रिपोर्ट मांगी है।