उपराज्यपाल नजीब जंग ने अटकलों पर विराम लगाते हुए दिल्ली सरकार की समर्पित बस लेन योजना को मंजूरी दे दी है। हालांकि, उन्होंने अधिसूचना में कई संशोधनों का निर्देश भी सरकार को दिया है।
दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के योजना में रोड़ा अटकाने के आरोपों से जुड़े ट्वीट का जवाब देते हुए उपराज्यपाल ने कहा है कि उनके सचिवालय को इसकी फाइल 3 जून को मिली थी।
दो दिन के अवकाश के बाद सप्ताह के पहले कार्यदिवस पर सोमवार को इसे मंजूरी दे दी गई। उपराज्यपाल सचिवालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि दिल्ली सरकार के 26 फरवरी वाले नोट में जो मुद्दे उठाए गए थे, उनका स्पष्टीकरण देते हुए समर्पित बस लेन संबंधित फाइल शुक्रवार शाम उपराज्यपाल कार्यालय में भेजी गई थी।
सोमवार को ही इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। लिहाजा उपराज्यपाल सचिवालय की तरफ से इसमें कोई विलंब नहीं हुआ है। बस लेन को मंजूरी देने के साथ उपराज्यपाल ने अधिसूचना में संशोधन का निर्देश भी सरकार को दिया है।
अधिसूचना में कई संशोधन करने का भी दिया निर्देश
नजीब जंग
उपराज्यपाल का कहना है कि योजना में आने वाली सड़कों की स्पष्ट पहचान की जाए। वहीं, इसका स्पष्टीकरण भी जरूरी है कि समर्पित बस लेन में बसों एवं अन्य माल वाहनों के अतिरिक्त दूसरे वाहनों की आवाजाही होगी या नहीं। अगर अनुमति दी जाती है, तो वह किन-किन हालातों में मान्य होगी।
उपराज्यपाल के मुताबिक, नोटिफिकेशन में इसका भी साफ-साफ जिक्र होना चाहिए कि बस और माल वाहक वाहन सिर्फ समर्पित बस लेन में ही चलेंगे। इसके उल्लंघन पर दंड का भी प्रावधान तय किया जाए। इसके अलावा लेन में दूसरे वाहनों के घुसने पर की जाने वाली कार्रवाई का वर्णन हो।
उपराज्यपाल का कहना है कि योजना को कारगर तरीके से लागू करने के लिए जरूरी है कि दिल्ली सरकार औपचारिक तौर पर ट्रैफिक पुलिस के साथ विचार-विमर्श करे।
उसके बाद इसमें ट्रैफिक पुलिस की सिफारिशों को शामिल किया जाए। वहीं, इससे जुड़े अलग-अलग विभागों के अधिकारियों की शक्तियों का भी स्पष्ट उल्लेख किया जाना जरूरी है, जिससे बाद में कभी विभागों के बीच आपसी टकराव की स्थित न बने।