एलिफेंटियासिस(हाथी पांव) विकसित होने के बाद वह पटपड़गंज स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचे। यहां माइक्रोसर्जिकल तकनीक से गुजरने के बाद कई रिडक्शन सर्जरी और गैर-सर्जिकल साधनों से उनके बाएं पैर का वजन 45 किलोग्राम से 25 किलोग्राम तक किया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि जब अमित पहली बार अस्पताल पहुंचे तो उनका पैर 120 सेंटीमीटर चौड़ा हो गया था। अब यह घटकर 65 सेंटीमीटर हो गया है। एक वयस्क पुरुष के पैर की सामान्य परिधि 35 से 40 सेमी तक होती है।
अस्पताल के डॉ. मनोज जौहर के अनुसार, अत्यधिक विशिष्ट और सुपरफाइन माइक्रोसर्जरी, लिम्फो-वेनस एनास्टोमोसिस (एलवीए), लिम्फेडेमा के इलाज के लिए अपनी तरह का एक अनूठा उपचार है, जो कैंसर सर्जरी या फाइलेरिया के रोगियों में आघात के कारण हो सकता है।