दिल्ली नगर निगम ने एकीकरण के बाद अपने सालाना बजट 2022-23 में अपने अनुमानित खर्च को करीब छह फीसदी घटा दिया है। दिल्ली में तीन निगम होने की स्थिति में इनका पिछला कुल अनुमानित व्यय करीब 16306.34 करोड़ रुपये था, जबकि एकीकृत निगम का मौजूदा व्यय करीब 15276.00 करोड़ रुपये है।
एकीकरण से पहले पूर्वी निगम के सालाना बजट 2022-23 में व्यय के लिए कुल 3,97,085.04 लाख रुपये की अनुमानित राशि तय थी। इसी प्रकार से उत्तरी निगम के सालाना बजट 2022-23 में व्यय के लिए कुल 7,50,491.97 लाख रुपये की अनुमानित राशि तय थी। दक्षिणी निगम के सालाना बजट 2022-23 में व्यय के लिए कुल 4,83,057.77 लाख रुपये की अनुमानित राशि तय थी। इस तरह तीनों निगमों ने कुल मिलाकर करीब 1,63,06.34 करोड़ रुपये दिल्ली में मौजूदा वित्त वर्ष में खर्च करने का विधान बनाया था।
पूर्वी निगम ने स्वच्छता सेवाओं पर सर्वाधिक करीब 1,22,882 लाख रुपये (38.58%), शिक्षा पर करीब 1,06,160.42 लाख रुपये (22.02%) खर्च करने का विधान बनाया था। दक्षिणी निगम ने सर्वाधिक प्रचार प्रसार पर 500 लाख रुपये, लोक कल्याण पर 300 लाख रुपये खर्च करने का विधान बनाया था। इसी तरह से सामुदायिक सेवाओं, बुजुर्गों और अन्य नागरिकों के लिए सुविधाओं के विकास, प्राथमिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी अलग-अलग मदों में खर्च का विधान तय किया था।
एकीकृत दिल्ली नगर निगम का 2022-23 के लिए आवंटित बजट (करोड़ में)
| खर्चे |
बजट आवंटन |
आवंटन प्रतिशत |
| सामान्य प्रशासन |
3225.35 |
21.11% |
| लाइसेंसिंग |
1176 |
0.08% |
| सामुदायिक सेवा |
119.89 |
0.78% |
| शिक्षा |
2632.78 |
17.23% |
| जन स्वास्थ्य और चिकित्सा राहत |
1570.25 |
10.28% |
| स्वच्छता |
4153.28 |
27.19% |
| लोक निर्माण, स्ट्रील लाइट |
1732.15 |
11.34% |
| पशु चिकित्सा सेवा |
95.83 |
0.63% |
| बागवानी |
521.48 |
3.41% |
| भूमि और राज्य |
41.53 |
0.27% |
| विशेष विकास खर्च |
503.98 |
3.30% |
| ऋण अदायगी |
667.74 |
4.37% |
| कुल योग |
15276.00 |
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