बुधवार को अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ बी एल शेरवाल ने इस यूनिट का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रिंसिपल वीएमएमसी प्रोफेसर गीतिका खन्ना सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। यह यूनिट दिल्ली में केंद्र सरकार का पहला अस्पताल है जो ऑनलाइन हेमो डायफिल्ट्रेशन (एचडीएफ) मशीनों से लैस है। इसमें सीजीएचएस रोगियों को हेमोडायलिसिस सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इससे किडनी रोगियों को गुणवत्तापूर्ण हेमोडायलिसिस सुविधा मिलेगी।
साथ ही अस्पताल में गुर्दा प्रत्यारोपण कार्यक्रम में तेजी आएगी। इस बारे में नेफ्रोलॉजी विभाग के विभाग प्रमुख डॉ. हिमांशु वर्मा ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल में रोजाना 300 से 400 मरीज ओपीडी में उपचार करवाने आते हैं। इनमें से एक तिहाई मरीजों को डायलिसिस की जरूरत होती है। अभी तक यहां आठ पुरानी मशीनों से डायलिसिस की सुविधा दी जा रही थी। इनमें दो अत्याधुनिक ऑनलाइन हेमो डायलिसिस मशीन को और बढ़ा दिया गया है। यह नई मशीन पुरानी मशीनों से ज्यादा एडवांस हैं। शाम चार बजे तक चलने वाले डायलिसिस की सुविधा को रात आठ बजे तक बढ़ा दिया गया है।
हर साल आते हैं 70 हजार से अधिक मरीज
सफदरजंग अस्पताल के नेफ्रोलॉजी ओपीडी में हर साल 70 हजार मरीज आते हैं। इनमें से करीब 20 से 25 हजार मरीजों को डायलिसिस की जरूरत होती है। अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण वेटिंग भी बढ़ रही थी। नई सुविधा शुरू होने के बाद यह काफी घट जाएगी। एक अनुमान है कि अस्पताल में हर दिन 25 मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिल पाएगी।