भाजपा नेता कमल यादव के दफ्तर में क्राइम ब्रांच यूनिट की छापेमारी को लेकर उपजे बवाल के बाद पुलिस आयुक्त ने इसकी जांच एसीपी क्राइम को सौंप दी है। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बादशाहपुर थाना क्षेत्र स्थित दरबारीपुर रोड पर बने प्रोपर्टी डीलर और बीजेपी नेता कमल यादव के दफ्तर में गुरुवार को क्राइम ब्रांच यूनिट की टीम छापेमारी करने पहुंची। छापेमारी में बीजेपी नेता के साथ सीआईए द्वारा बदसलूकी करने और रंगदारी मांगने के आरोप में उनके समर्थकों ने सोहना रोड पर हंगामा कर दिया था।
चुनावी माहौल में हुए हंगामे के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बीजेपी नेता को कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। जिसमें बादशाहपुर थाना में शिकायत के आधार पर इस मामले की जांच भी शुरु कर दी थी।
इस मामले में शुक्रवार को कमल यादव अपने समर्थकों के साथ पुलिस आयुक्त दफ्तर पहुंचे और उन्होंने सीपी को लिखित शिकायत के अलावा सीसीटीवी फुटेज दी जिसमें आरोप लगाया कि सीआईए पुलिसकर्मियों पर एक लाख रुपये वसूली का आरोप लगाया।
सीपी को सौंपी लिखित शिकायत में कमल यादव पुत्र सुजान सिंह ने आरोप लगाया कि सीआईए टीम उनसे जबरन वसूली के लिए ही पहुंची थी। लेकिन जब रुपये देने से मना करने पर उसे झूठे केस में फंसाने का डर दिखाकर गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया।
लेकिन समर्थकों के पहुंच जाने पर उन्होंने जांच पड़ताल की बात कह दी। इस पूरे मामले के बाद पुलिस आयुक्त ने एसीपी क्राइम से 24 घंटे में जांच कराने का आश्वासन दिया है। जिसमे मामले में दोषी जाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।