कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा पर वामपंथी सोच हावी हो रही है। यही वजह है कि राम विरोधी बयानबाजी किए जाने पर भी कांग्रेस ने चुप्पी साधे रखी
कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने शुक्रवार को साहिबाबाद में पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि 'जो कांग्रेस गांधी की अनुयायी रही है और हर बैठक की शुरुआत रघुपति राघव राजा राम से करती रही है। वर्तमान में कांग्रेस की विचारधारा पर वामपंथी सोच हावी हो रही है। यही वजह है कि राम विरोधी बयानबाजी किए जाने पर भी कांग्रेस ने चुप्पी साधे रखी।'
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आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जिस तरह जीसस को न मानने वाला ईसाई नहीं हो सकता, मोहम्मद को न मानने वाला मुसलमान नहीं हो सकता। इसी तरह राम मंदिर को न मानने वाला हिंदू नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि राम मंदिर को रोकने के जो प्रयास किए गए, उससे सनातन धर्म को मानने वाले करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंची। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह किसी से भी अब छिपा नहीं रह गया है कि राम मंदिर का विरोध कौन कर रहा है।
अचानक कांग्रेस पार्टी के प्रति उन्हें यह नाराजगी क्यों है, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 'मैं पार्टी से नाराज नहीं, बल्कि जो महसूस किया वह बातें रख रहा हूं। आचार्य ने कहा कि हाल ही में सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने रामचरितमानस को झुठलाया, लेकिन कांग्रेस चुप रही। यह कांग्रेस ने अपने विचारधारा से विपरीत जाकर किया। उन्होंने कहा कि राम और सनातन धर्म के बिना भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती।