गणतंत्र दिवस से पहले दरभंगा से दिल्ली आने वाली स्पाइस जेट की उड़ान में बम की झूठी सूचना देकर सनसनी फैलाने वाले बीपीओ कर्मचारी को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया गया है। दरभंगा हवाई अड्डा पहुंचने में देर होने पर आरोपी ने 24 जनवरी को विमान में बम होने की झूठी कॉल कर दी थी। वह दरभंगा हवाई अड्डा पर विमान में सवार नहीं हो पाया था। यात्रियों का चार्ट देखकर पुलिस आरोपी तक पहुंची। आरोपी की पहचान सुपौल बिहार निवासी जय कृष्ण कुमार मेहता (25) के रूप में हुई है।
आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि 24 जनवरी की शाम 6.12 बजे दरभंगा से दिल्ली आने वाली स्पाइस जेट की एक विमान में बम होने की जानकारी मिली। एयरलाइंस के सिक्योरिटी मैनेजर ने सीआईएसएफ कंट्रोल रूम को जानकारी दी कि उनके हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित कॉल सेंटर में एक कॉल आई है। कॉल करने वाले ने अपना नाम किशोर बताया।
उसने बताया कि उसने दो लोगों को बात करते सुना कि दरभंगा से उड़ान भरने वाली स्पाइस जेट की फ्लाइट संख्या एसजी 8496 में बम है। गणतंत्र दिवस को लेकर अलर्ट पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लिया। दिल्ली हवाई अड्डे को हाई अलर्ट कर दिया गया और हवाई अड्डा में पूरे तौर पर आपातकाल घोषित कर दिया गया। विमान के दिल्ली हवाई अड्डा पर उतरने के बाद बम की सूचना से यात्रियों में दहशत फैल गई।
हालांकि सभी यात्रियों को सुरक्षित विमान से उतार लिया गया। विमान को एक अलग स्थान पर ले जाया गया। जहां सुरक्षा कर्मियों ने विमान की गहन तलाशी ली। विमान में कोई विस्फोटक नहीं मिला। इसके बाद में बम की सूचना को फर्जी करार दिया गया। इस बाबत उद्योग विहार गुरुग्राम थाने में मामला दर्ज कर लिया गया। आईजीआई एयरपोर्ट थाने के प्रभारी यशपाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में स्पाइस जेट से फर्जी कॉल करने वाले के मोबाइल नंबर की जानकारी हासिल की। पुलिस ने उस नंबर को सर्विलांस पर लगाया, लेकिन पर्याप्त सुराग नहीं मिला। उसके बाद पुलिस टीम ने उड़ान संख्या एसजी 8496 में टिकट बुक करने वाले सभी यात्रियों के रिकॉर्ड की जांच की। जांच में पता चला कि जय कुमार नामक एक यात्री की दरभंगा हवाईअड्डा देरी से पहुंचने पर उड़ान छूट गई थी।
तकनीकी निगरानी से आया पकड़ में
संदेह के आधार पर पुलिस ने उस पर तकनीकी निगरानी रखी और यात्री के बारे में जानकारी हासिल की। यात्री लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। तकनीकी जांच से पता चला कि आरोपी नोएडा में मौजूद है। जहां से पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह मगध विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद वर्तमान में एक बीपीओ कंपनी में काम कर रहा है। उसने बताया कि जानबूझकर उड़ान में देरी कराने के लिए झूठी कॉल की थी क्योंकि उसे दरभंगा हवाई अड्डा पहुंचने में देर हो गई थी।