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वंदे भारत पर हादसा: तकनीशियन को लगा करंट, हालत गंभीर; ट्रेन के ऊपर पेंटोग्राफ की कर रहा था चेकिंग

Thu, 04 Jul 2024 10:01 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डिपो के कर्मचारियों की माने तो इसके पीछे रेलवे की लापरवाही है। इस घटना के बाद डिपो के कर्मचारियों ने काम करना बंद कर दिया। लिखित शिकायत में कहा गया कि नौकरी अनुकंपा पर मिली थी। फिर भी, उसको पेंटोग्राफ चेक करने का कार्य दिया गया।
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वंदे भारत। - फोटो : ANI
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विस्तार
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वंदे भारत ट्रेन पर करंट लगने से एक तकनीशियन गुरुवार शकूरबस्ती रेल कोच डिपो में दोपहर बुरी तरह झुलस गया। हादसा उस वक्त हुआ, जब वह कोच के ऊपर विद्युतग्राही (पेंटोग्राफ) का निरीक्षण कर रहा था। इसी से ट्रेन को चलाने के लिए बिजली मिलती है। अचानक वह ओवर हेड वायर की चपेट में आ गया और करंट लगने से नीचे जमीन पर जा गिरा। हादसे में उसका 65 फीसदी शरीर झुलसने के साथ जमीन पर गिरने से सर भी फट गया है।

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उधर, इसकी सूचना मिलते ही वंदे भारत के रेल कोच डिपो में अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद कर्मियों ने काम को पूरी तरह ठप कर दिया। थोड़ी देर बाद घायल तकनीशियन को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन गंभीरता को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया गया। इस मामले में रेलवे ने लापरवाही बरतने वाले एक अधिकारी को निलंबित भी कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, शकूरबस्ती रेल कोच डिपो में वह यश (टी नंबर-424) वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस कर रहा था। वह ट्रेन के पेंटोग्राफ का निरीक्षण करने ट्रेन की छत पर चढ़ा था। तभी उसका एक हाथ ओवर हेड वायर (ओएचई) के चपेट में गया। करंट लगने से उसका करीब 65 फीसदी शरीर झुलस गया है। आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा के बाद सफदरजंग में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है उसकी हालत गंभीर है और उसे आईसीयू में रखा गया है। उसके पिता रेलवे में कर्मचारी थे और अनुकंपा के आधार पर वह रेलवे में नौकरी कर रहा है।

डिपो के कर्मचारियों ने उठाया सवाल
डिपो के कर्मचारियों की माने तो इसके पीछे रेलवे की लापरवाही है। इस घटना के बाद डिपो के कर्मचारियों ने काम करना बंद कर दिया। लिखित शिकायत में कहा गया कि नौकरी अनुकंपा पर मिली थी। फिर भी, उसको पेंटोग्राफ चेक करने का कार्य दिया गया। तकनीकी तौर पर दक्ष न होने से वह ओएचई केबल की चपेट में आ गया और हादसे का शिकार हो गया। कर्मचारियों का अरोप है कि इसमें पूरी लापरवाही रेलवे प्रशासन की है। तकनीशियन को बिना ट्रेनिंग दिए कार्य करने के लिए नामित किया गया था।

सीनियर सेक्शन अफसर को निलंबित किया गया
हादसे की सूचना मिलने पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पहले तो पीड़ित को अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया। इस मौके पर डिपो के कर्मचारियों ने उनको सुरक्षा से जुड़ा शिकायती पत्र सौंपा। इसमें मांग की गई है कि सभी अप्रैंटिस को सुरक्षा किट दी जाए। कर्मियों को मेडिकल की सुविधा मिले। एक काम पूरा होने के बाद तुरंत दूसरा काम न दिया जाए। तीन शेड में कई शिफ्ट में काम कराया जाता है। कर्मचारियों की कमी है। छोटी-छोटी बातों पर नोटिस दिया जाता है, जिससे मानसिक संतुलन बिगड़ा रहता है। इसके अलावा कई शिकायत वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर को कर्मचारियों ने मौके पर सौंपा। रेलवे अधिकारी ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिया है साथ ही इस मामले में सीनियर सेक्शन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके बाद ही देर शाम कर्मचारी डिपो में काम करना शुरू किए।
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मामले की होगी जांच
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने कहा है कि देर शाम से शकूरपुर डिपो में कर्मचारियों ने काम करना शुरू कर दिया है। हादसे के शिकार पीड़ित को बेहतर चिकित्सा रेलवे की तरफ से दी जा रही है। उसके हालत में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होगी की आखिर ऐसा हादसा कैसे हुआ।
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