आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल कवायद उम्मीदवारों के चयन को लेकर चल रही है। पार्टी की कोशिश जीतने वाले चेहरों को टिकट देने की है।
सूत्रों की मानें तो बीते विधानसभा चुनाव के 50 फीसदी प्रत्याशियों को बदला जाएगा। इसमें छह विधायक भी शामिल हैं। खास बात यह है कि वरिष्ठ नेता गोपाल राय का भी टिकट कट सकता है।
इस बारे में पार्टी के मीडिया सेल से जुड़े नागेंद्र शर्मा ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्टी ने सारे विकल्प खुले रखे हैं। कोशिश है कि मजबूत प्रत्याशी को ही टिकट देंगे।
कटेगा इनका टिकट
पार्टी की टेढ़ी नजर खासतौर से ऐसे विधायकों पर है, जिनकी अपने इलाके में काम से ज्यादा दिलचस्पी दिल्ली की सियासत में है। इसके अलावा पार्टी ने पुराने उम्मीदवार हटाने का पैमाना पिछले चुनावी प्रदर्शन को बनाया है।
जिन 19 सीटों पर उम्मीदवार दूसरे स्थान पर है, उसमें से बवाना, रिठाला, किराड़ी, कृष्णा नगर, पालम और सुलतानपुरी के उम्मीदवार नए होंगे।
पार्टी का मानना है कि चुनाव हारने के बाद इनकी इलाके में सियासी सक्रियता नहीं रही। ऐसी सभी 20 सीटों पर नए प्रत्याशी होंगे, जहां पार्टी तीसरे स्थान पर थी।
तो गोपाल राय को नहीं मिलेगा टिकट
आप ने जो पैमाना बनाया है, उसमें गोपाल राय का नाम भी टिकट कटने वालों में शामिल है। बाबरपुर सीट पर गोपाल राय तीसरे स्थान पर थे।
इसके अलावा लक्ष्मी नगर, आरकेपुरम, कालकाजी और वजीरपुर से भी पार्टी नए चेहरे उतारेगी।
लक्ष्मी नगर के विधायक को बगावत की वजह से पार्टी से निकाल दिया गया है, जबकि तीनों सीटों के उम्मीदवारों ने पार्टी छोड़ दी है।
चुनाव में पैराशूट प्रत्याशी भी
टिकट देने में पार्टी इलाके के सक्रिय और दमदार कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी लेकिन अगर किसी सीट पर ऐसा उम्मीदवार न मिला तो बाहरी को टिकट मिल सकता है।
हालांकि इस दौरान देखा जाएगा कि उसकी संबंधित सीट के कार्यकर्ताओं से तालमेल बेहतर हो। वहीं, उसकी इलाके की समझ भी रखनी जरूरी होगी।