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Delhi: 'जेल भेजने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद', संजय सिंह बोले- दस दिन से बाहर हूं, अब सुकून की नींद आ रही

Mon, 15 Apr 2024 11:51 AM IST
श्याम जी. न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आप सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने कहा कि जेल भेजने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं। उनकी वजह से कई क्रांतिकारियों के बारे में पढ़ने को मिला। जेल में अपने आप से मिलने का मौका मिला। 
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संजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आप सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में संजय सिंह  ने पीएम नरेंद्र मोदी पर व्यंग करते हुए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, 'पिछले दस दिनों से मैं जेल के बाहर हूं और मुझे बड़े सुकून से नींद आ रही है। छह महीने मैं जेल में रहा, कुछ दिनों तक मुझे आइसोलेशन में रखा। पीएम मोदी ने शायद अगर ये मौका नहीं दिया होता तो मैं अपने आप से मुलाकात नहीं कर पाता। मैं उन तमाम महापुरुषों से मुलाकात नहीं कर पाता। मैं उन तमाम क्रांतिकारियों के साथ बातचीत नहीं कर पाता, जिनके बारे में मैं सुनता था. कहानियां पढ़ता था, उनसे मेरी मुलाकात हुई। क्योंकि जब एकांत में आदमी होता है तो उसे बहुत कुछ सोचने, समझने और चिंतन करने का मौका मिलता है।'

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संजय सिंह ने कहा, 'मैंने नेल्सन मंडेला से मुलाकात की। उनका शानदार क्रांतिकारी जीवन था। मैंने भगत सिंह से मुलाकात की...23 साल का नौजवान कैसे अपना जीवन न्यौछावर कर सकता है, उनको पढ़कर ये जाना। मैंने अशफाक उल्ला, रौशन सिंह, राजेंद्र लाहिड़ी, रामप्रसाद बिस्मिल पता नहीं कितने क्रांतिकारी, जिनके बारे में पढ़ा, जाना। काला पानी के दस्तावेज पढ़े और तब ये लगा कि तीस साल से जो समाज सेवा राजनीति के माध्यम से लोगों की सेवा कर रहा था। शायद मेरा रास्ता सही था।' 

उन्होंने कहा, 'गांधी जी को पढ़ा तो ये जाना कि हम तो सही रास्ते पर चल रहे थे। शायद ये छह महीने का जेल का सफर नहीं होता तो मैं ये नहीं समझ पाता, जो कर रहा था, जिस संघर्ष के रास्ते पर चल रहा था वो सही है या गलत है। मैं तो धन्यवाद देना चाहुंगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कि उन्होंने ये अवसर दिया। अपने आप से बात करने का, अपने रास्ते को और मजबूत बनाने का। मैं छह महीने की जेल की यात्रा से और तप के निकला हूं। आगे के रास्ते को तैयार करने के लिए आगे के रास्ते को और मजबूत करने के लिए।'
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संजय सिंह ने कहा, 'हो सकता है आज बहुत सारे माध्यम बिक गए हों, लेकिन इतिहास कभी नहीं बिका। इतिहास में वही दर्ज होता है, जो आप करते हैं। क्या सच है, क्या गलत है... यह लोग तय करेंगे। लेकिन किस मंशा से प्रधानमंत्री ने मुझे जेल भेजा मैं नहीं जानता। बस यही कहूंगा कि प्रधानमंत्री मोदी का बहुत-बहुत धन्यवाद, आपने तीस साल के मेरे जीवन को, संघर्ष को और अधिक मजबूत बनाया।' 

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