संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पेड़ों की कटाई और सतत विकास नीति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले को बड़ी पीठ को सौंप दिया है। यह मामला नितिन सक्सेना बनाम नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया एवं अन्य से जुड़ा है। इस पर 30 जनवरी 2026 को सुनवाई हुई थी। एनजीटी की केन्द्रीय क्षेत्रीय पीठ ने 8 जनवरी 2026 के आदेश में कहा था कि देशभर में पेड़ों की कटाई और उन्हें हटाने के मामलों पर एक समान नीति की जरूरत है। आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने, प्रदूषक भुगतान सिद्धांत और सावधानी सिद्धांत जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार करना जरूरी है। इसी वजह से मामले को प्रधान पीठ की बड़ी बेंच को भेजा गया।
मामले की सुनवाई एनजीटी अध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई। उनके साथ न्यायिक सदस्य श्यो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल और सुधीर कुमार चतुर्वेदी मौजूद रहे। आवेदक की ओर से वकील ने कहा कि वे दो सप्ताह के भीतर अपनी दलीलें दाखिल करेंगे। अन्य पक्षों को भी जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। एक अंतरिम आवेदन में सुनवाई टालने की मांग की गई थी, क्योंकि इसी मामले से जुड़ी अपील सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी। लेकिन वह अपील वापस ले ली गई, इसलिए एनजीटी ने स्थगन की मांग को खारिज कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी 2026 को होगी।