सुभाष प्लेस इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। अपनी दिव्यांग बहन के साथ रहने वाले फैक्टरी मालिक की घर में मौत हो गई, लेकिन दूसरे कमरे में मौजूद उनकी बहन किसी को घटना की जानकारी भी नहीं दे पाई। घर का दरवाजा बंद होने की वजह से सुबह नौकरानी भी दरवाजा खटखटाकर चली गई, लेकिन शाम में भी दरवाजा बंद होने पर नौकरानी ने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल कर्मी दरवाजा तोड़कर घुसे। अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान हो गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर ऑस्ट्रेलिया से आए मृतक के भाई को शव सौंप दिया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत के कारणों का खुलासा हो सके।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 16 जून की शाम 6.37 बजे पुलिस को सूचना मिली कि पड़ोसी दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। खटखटाने से अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस ने दमकल कर्मियों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा। अंदर जाने पर पुलिस ने देखा कि बेडरूम में 49 साल के ऋषि की मौत हो चुकी है। जबकि उनकी बहन 54 साल की गुड्डन बिस्तर पर पड़ी हुई है। जांच में पता चला कि गुड्डन दिव्यांग है और वह न तो बोल सकती है और न चल सकती है।
सूचना देने वाले पड़ोसी रमेश चंद ने बताया कि ऋषि की वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में छोटे बर्त्तन बनाने की फैक्टरी है। उनकी पत्नी अपनी बेटी के साथ पिछले 15 साल से पैतृक घर पर रहती है। वहीं, ऋषि अपनी दिव्यांग बहन के साथ रहते थे। उन्होंने उनकी देखभाल के लिए एक घरेलू सहायिका रखी हुई थी। पड़ोसी ने बताया कि शनिवार रात नौ बजे तक ऋषि उनके साथ ही थे। इसके बाद वह अपने घर लौट आए।
पुलिस ने मृतक की पत्नी और भाई लाल पवन सिंह को सूचना दी। वह ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं। भाई के दिल्ली आने पुलिस ने उनसे पूछताछ की। साथ ही ऋषि की पत्नी के अलावा पड़ोसियों से भी पूछताछ की। पुलिस ने गुड्डन को उनके भाई को सौंप दिया है। मंगलवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उनके परिजनों को सौंप दी है। पुलिस ने बताया कि परिवार ने किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं जताई है। पुलिस ऋषि के मौत के कारणों की जांच कर रही है।