राजधानीवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। बुधवार को सरकार ने कहा कि 84 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल में तुरंत कमी आएगी, जैसा कि दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे, अस्पतालों व शैक्षिक संस्थानों को बढ़ाने का वादा किया गया था।
हालांकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दिल्ली में राष्ट्रपति शासन खत्म होने के बारे में कोई संकेत नहीं दिया और बस इतना कहा कि कुछ पार्टियों द्वारा सरकार बनाने या चुनाव कराने को लेकर चल रहे गतिरोध पर विराम लगाने के लिए राजनीतिक हल ढूंढे जाएंगे।
जेटली लोकसभा में दिल्ली के बजट पर हो रही बहस के दौरान उत्तर दे रहे थे, जिसे बाद में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
बिजली सब्सिडी के लिए 260 करोड़ समेत कुल 36,776 करोड़ रुपये के दिल्ली बजट के प्रावधानों के बारे में जेटली ने कहा कि ये प्रावधान केंद्रीय और शहरी बजट में बिजली बिल में कटौती के लिए बनाए गए थे, क्योंकि प्रावधानों के मुताबिक पिछले माह की तुलना में 84 फीसदी घरों के बिल में कटौती हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट में बिजली और पानी सप्लाई में सुधार के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हाल ही में दिल्ली में बिजली समस्या पर जेटली ने कहा कि पर्याप्त उपलब्धता होने के बावजूद कमजोर वितरण प्रणाली के कारण समस्या उत्पन्न हुई थी।