‘यूपी में जल्द ही 800 नई कोर्ट शुरू होने जा रही हैं। इसके बाद लंबित मुकदमों के निस्तारण में तेजी आएगी। साथ ही शासन ने एडीजे स्तर के 363, फास्ट ट्रैक कोर्ट के 212 और 113 पद ग्राम न्यायालयों को स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।’
शुक्रवार को गाजियाबाद में सीबीआई कोर्ट के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करने पहुंचे इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने यह बातें कहीं।
चीफ जस्टिस ने कहा कि आगामी 25 वर्षों को ध्यान में रखकर मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए 197 सिविल जज जूनियर डिविजन की भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
31 मार्च 2016 तक उच्च न्यायालय ने 300 सिविल जज सीनियर डिविजन, 100 जूनियर डिविजन और 100 पद एडीजे स्तर के सृजित किए जाने की संस्तुति शासन को भेजी है।
न्यायाधीशों को नसीहत देते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि न्यायपालिका का मूल सिद्धांत सच्चरित्र की रक्षा करना और दुष्टों को सजा देकर समाज को संतुलित करना है, जिससे विधि का शासन सुचारु रूप से स्थापित हो सके।
चीफ जस्टिस के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एपी शाही, न्यायमूर्ति वीके शुक्ल, गाजियाबाद जिला जज रविंद्रनाथ मिश्रा के अलावा पश्चिमी यूपी के कई जिलों के जिला जज उपस्थित रहे।
गाजियाबाद कोर्ट में लंबित हैं 1.44 लाख मामले
वर्तमान समय में गाजियाबाद कोर्ट में 1.44 लाख मुकदमे लंबित हैं। इनमें से करीब एक लाख मुकदमें मजिस्ट्रेट न्यायालयों में, 24 हजार मुकदमें सेशन कोर्ट में और बाकी सिविल न्यायालयों में लंबित हैं।
यह बात इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को कही। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द सभी मामलों का निस्तारण किया जाना चाहिए।