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Republic Day: पहली बार कर्तव्य पथ पर निकली गणतंत्र दिवस परेड, महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने ली सलामी

Thu, 26 Jan 2023 04:25 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

कोरोना से पहले गणतंत्र दिवस समारोह में करीब सवा लाख लोग शामिल होते थे, वहीं कोरोना के दौरान करीब 25 हजार लोग शामिल हुए। इस बार की गणतंत्र दिवस परेड की खास बात यह रही कि परेड में शामिल थलसेना के सारे हथियार स्वदेशी थे।
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गणतंत्र दिवस की परेड - फोटो : जी पाल
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विस्तार
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भारत आज अपना 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस मौके पर पहली बार कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की परेड व झांकियां निकलीं। परेड की सलामी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने ली। समारोह के विशेष अतिथि मिस्र अरब गणराज्य के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी रहे।

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परेड हर साल की तरह विजय पथ से लाल किले तक निकली। इस बार परेड में 45 हजार लोग शामिल हुए। इसके लिए करीब 12 हजार पास बांटे गए और करीब 32 टिकट ऑनलाइन बिके। इस बार दर्शकों के बैठने के लिए अलग तरह के इंतजाम थे।

वर्टिकल प्लेटफॉर्म पर कुर्सियां लगाई गईं थीं ताकि पीछे बैठे लोग भी आसानी से परेड देख सकें। कोरोना से पहले गणतंत्र दिवस समारोह में करीब सवा लाख लोग शामिल होते थे, वहीं कोरोना के दौरान करीब 25 हजार लोग शामिल हुए। इस बार की गणतंत्र दिवस परेड की खास बात यह रही कि परेड में शामिल थलसेना के सारे हथियार स्वदेशी थे।

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परेड की शुरुआत 10.30 बजे से हुई जो करीब 90 मिनट चली

गणतंत्र दिवस की परेड - फोटो : जी पाल
10.06 समारोह की शुरुआत 
राष्ट्रीय समर स्मारक पर पीएम मोदी ने राष्ट्र की ओर से शहीद सैनिकों को श्रदांजलि दी।

10.21  पीएम कर्तव्य पथ पर पहुंचे।

10.25 उपराष्ट्रपति कर्तव्य पथ पर पहुंचे। 

10.26 राष्ट्रपति के अंगरक्षक कर्तव्य पथ पर पहुंचे। 

 10.27  राष्ट्रपति के साथ आते हैं।

घुड़सवार अंगरक्षकों का यह रेजिमेंट भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठतम रेजिमेंट में से एक है। अपनी स्थापना के 250 साल पूरे हो गए हैं। इसके जवान छह फुट के होते हैं और अपने हाथों में करीब नौ फुट के लंबे भाले लिए होते हैं।

10.29   21 तोपों की सलामी
खास बात ये कि देश में बने 105 एमएम लाइट फील्ड गन से ही 21 तोपों की सलामी दी जाएगी ।

10.30 राष्ट्रपति के आगमन पर वायुसेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट कोमल रानी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगी। इसके साथ राष्ट्रीय गान की धुन बजी।

गणतंत्र दिवस की परेड - फोटो : जी पाल
10.31 आकाश में एमआई 17वीं 5 के चार हेलीकॉप्टर वाईन ग्लाल फॉरमेशन में थे। इसमें राष्ट्रीय ध्वज के साथ सेना के तीनों अंगों के ध्वज थे। इन हेलीकॉप्टरों ने दर्शकों पर फूलों की पंखुड़ियां भी बिखेरी।

10.31 परेड कमांडर
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 
दिल्ली एरिया के जीओसी 
दूसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी* 

10.32 परेड उपकमांडर  
मेजर जनरल भवनीश कुमार 
पैराशूट रेजिमेंट से कमीशन 

परेड शुरू 
10.34 परमवीर चक्र और अशोक चक्र विजेता 
बहादुरी का सर्वोच्च सम्मान। युद्द के दौरान आसाधारण वीरता का परिचय देते हुएअ जान की बाजी लगाने वाले सैनिकों को   
सूबेदार मेजर बाना सिंह ( रिटा )
सूबेदार मेजर योगेन्द्र सिंह ( रिटा )
सूबेदार मेजर संजय कुमार 
अशोक चक्र 
असाधारण वीरता का प्रर्दशन और सर्वोच्च बलिदान देने वाले शूरवीरों को   
मेजर जनरल सीओ पिठावाला ( रिटा )
लेफ्टिनेंट कर्नल डी श्रीराम कुमार ( रिटा )
लेफ्टिनेंट कर्नल जसराम ( रिटा )

गणतंत्र दिवस की परेड - फोटो : जी पाल
10.35  मिस्र की सेना संयुक्त बैंड एवं मार्चिंग दस्ता पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुए। 144 सैनिकों का दस्ता, जो  मिस्र के प्रभुत्व और गौरव का प्रदर्शन करती है। मिस्र के लोगों ने दुनिया में पहला साम्राज्य स्थापित किया।

10.36  61 कैवलरी 
विश्व में अपनी तरह की इकलौती सक्रिय घुड़सवार रेजिमेंट 
आदर्श वाक्य- अश्व शक्ति यशोबल अर्थात अश्व शक्ति हमेशा सर्वोत्तम 

मैकेनाइज्ड दस्ते
10.37 एमबीटी अर्जुन 
तीसरी पीढ़ी का देश में बना युद्धक टैंक।
120 एमएम की मुख्य राइफल गन 
12.7 एमएम एंटी एयर क्राफ्ट मशीन गन 
70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार  
 
10.38 नाग मिसाइल सिस्टम ( नामिस )
नाग मिसाइल सिस्टम एक टैंक विध्वंसक है जिसे डीआरडीओ ने बनाया है। एक व्हीकल में छह नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलों को फायर करने में सक्षम हैं। इसकी रेंज 5 किलोमीटर है । 

10.39 आईसीवीबीएमपी-2  ( सारथ ) 
सारथ नाम का यह इंफ्रैट्री कॉम्बेट व्हीकल है जिसमें घातक हथियार होते हैं। खासकर इससे रात में युद्ध में घातक क्षमता और बढ़ जाती है। यह हर क्षेत्र में प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। यह 30 एमएम गन, 7.62 एमएम पीकेटी और कॉकर्स मिसाइलों से लैस है ।  

10.40 क्यू आरएफवी (मीडियम)
क्विक रिएक्शन लड़ाकू वाहन को आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत टाटा एंडवांस सिस्टम और भारत फोर्ज ने तैयार किया है। यह गाड़ी 10 सशस्त्र सैन्य दलों को ले जाने सक्षम है। इस वाहन को लद्दाख, सिक्किम और अरुणाचल प्रदएश में तैनात सैनिकों के लिए खास तौर से डिजाइन किया गया है।

10.40 क्यू आरएफवी (हेवी)
यह वाहन माइन और बुलेट प्रूफ भी है । इसकी अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रतिघंटा है । यह 25 ड्रिग्री तक चढ़ाई करने में सक्षम है । 

10.41  के-9 वज्र टैंक
15 एमएम /52 कैलिबर ट्रैक्ड सेल्फ प्रोपेल्ड की फायरिंग रेंज 40 किलोमीटर है। यह रेगिस्तानी इलाके में 60 किमी प्रतिघंटा से आगे बढ़ सकता है ।
 
10.41 ब्रहोम्स प्रक्षेपात्र प्रणाली 
यह देश में बना सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है । जिसकी रेंज 400 किमी है । यह सटीक और दुश्मन के क्षेत्र में अंदर तक लक्ष्य साधने में सक्षम है ।
 
10.42  लघु अवधि बिजिंग प्रणाली  (शार्ट स्पैन ब्रिज) 
 10 मीटर शार्ट स्पैन ब्रिज  सिस्टम एक यांत्रिक रुप से लॉन्च हमलावर ब्रिज है । जो कुछ मिनटों में नहर या नाले पर पुल तैयार कर दिया जाता है । इसे डीआरडीओ ने बनाया है ।  

10.42 मोबाइल माइक्रोवेेव नोड और  मोबाइल नेटवर्क सेंटर
इस कॉलम में दो वाहन हैं। एक माइक्रोवैव नोड और उसके साथ मोबाइल नेटवर्क सेंटर । इससे सेना को युद्ध क्षेत्र में संचार के मामले में काफी मदद मिलती है । इसे भी देश में ही तैयार किया गया है । 
  
10.43  आकाश आर्मी रडार 
 इसको डीआरडीओ ने देश में ही तैयार किया है । यह दुश्मन के हवाई प्लेटफार्म के खिलाफ कम दूरी की सतह से सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल को फायर करने में सक्षम है । 

10.43 आकाश आर्मी लांचर 
इस प्रणाली में 150 किलोमीटर तक एयरस्पेश की निगरानी करने और 25 किलोमीटर तक शत्रु के हवाई प्लेटफार्मों के प्रभावी ढ़ंग से उलझाए रखने में सक्षम है ।2019 में बालाकोट हमले के बाद सीमा पर इसे तैनात किया गया है ।  

10.43 ध्रुव हेलीकाप्टर  ( फ्लाई पास्ट) 
दो रुद्र और एक ध्रुव हैलीकॉप्टर  उड़ान भर रहे है ।  आर्मी एवियशन का यह हेलीकॉप्टर काफी खतरनाक है । एक से हमला हो सकता है तो दूसरे से सैनिक और साजोसामन की आर्पूति हगो सकती है ।   

मार्चिंग  दस्ते 

10.44  मैकेनाइज्ड इंफ्रैट्री रेजिमेंट 
इसे आज की सेना में कल की रेजिमेंट के रुप में जाना जाता है । सेना में सबसे कम उम्र की रेजिमेंट है । आज यह ऐसी ताकत बन चुकी है जो भविष्य में किसी भी युद्ध क्षेत्र का तख्तापलट करने के लिए तैयार है। इसका युद्घोष है- बोल भारत माता की जय।

10.45 पंजाब रेजिमेंट सेंटर 
यह भारतीय  सेना की एकमात्र इन्फैंट्री रेजिमेंट है जिसके पास नौसेना का प्रतीक चिन्ह द गैली है। इसे सेना की सबसे पुरानी रेजिमेंट इन्फैंट्री  में एक है। इसका युद्घोष है जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल। 

10.46 मराठा लाइट इन्फैंट्री
यह सेना की सबसे पुरानी और सम्मानित रेजीमेंट में से एक है। इसका गौरवशाली इतिहास 254 वर्षो से ज्यादा पुराना है। इसकी पहली बटालियन 1768 में स्थापित की गई। ये छत्रपति शिवाजी महराज से प्रेरणा लेते हैं। इनका युद्घोष है- बोल छत्रपति शिवाजी महराज की जय।   

10.47  डोगरा रेजिमेंट सेंटर 
 इस रेजीमेंट का उद्भव ब्रिटिश इंडियन आर्मी की 17वीं डोगरा रेजिमेंट से हुआ। डोगरा रेजिमेंट की यूनिटों ने आजादी के बाद के सारे जंग लड़े है। इस रेजीमेंट के जवान हिमाचल, जम्मू कश्मीर और पंजाब से आते हैं। 

10.48 बिहार रेजीमेंट सेन्टर 
बिहार रेजीमेंट की पहली बटालियन की स्थापना दूसरे विश्व युद्ध के दौरान की गई थी। इस रेजीमेंट में 50 फिसदी बिहार के और 50 फिसदी  आदिवासी है । इसका युद्धघोष है बोल बजरंग बली की जय 

10.49 गोरखा ब्रिगेड 
गोरखा ब्रिगेड भारत और नेपाल के बीच मजबूत सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधो का प्रमाण है । फील्ड मार्शल सैम मानेकशा ने एक दफा कहा था कि अगर कोई कहता है कि वह मरने से नही डरता तो वह या तो झूठ बोल रहा है या वह गोरखा है ।  

10.50 पूर्व सैनिकों की झांकी
अमृत काल  की दिशा पूर्व सैनिकों की प्रतिबद्धता को दिखाती है। भारत का भाग्य बदलने की दिशा में उनकी पहलों को मान्यता देने का प्रतीक है। यह पूर्व सैनिकों के अदम्य साहस और देशभक्ति की भावना का प्रतीक है। 

10.52 भारतीय नौसेना 
तीनों सेनाओ में सबसे छोटी है। बैंड मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर सेंकड क्लास एम एंथनी राज की अगुवाई में जय भारती की धुन बजाते हुए। 80 बैंड वादकों के साथ।
नौसेना की दस्ते की अगुवाई लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृथ कर रही है। इस दस्ते में 03 महिला अफसर और 05 अग्निवीर शामिल हुए हैं। झांकी में नारी शक्ति के बहुआयामों को दिखाया गया है ।  

10.52 वायुसेना
10.53 बाज फॉरमेशन में तीन मिग-29
वायुसेना का दस्ता स्क्वाड्रन लीडर सिंधु रेड्डी की अगुवाई में । इसमें 144 जवान 03 अफसर शामिल है । झांकी में दिख रहा है सीमाओं से आगे भारतीय वायुसेना की शक्ति । एक ग्लोब के जरिये वायुसेना की पहुंच को दिखाया गया है । मानवीय सहायता से लेकर मित्र देशों के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास तक।

10.54 डीआरडीओ 
रक्षा अुनसंधान एवं विकास संगठन एक प्रमुख अुनसंधान एवं विकास संगठन है। जो सेनाओं के लिए आधुनिक हथियार व साजोसमान बनाता है। डीआरडीओ की झांकी में प्रभावी निगरानी तथा संचार से राष्ट्र की सुरक्षा व खतरों का शमन है। यह आकाश, सतह और पानी के अंदर दुशमन के खतरों की निगरानी के विभन्न तकनीकियों को प्रदर्शित करता है।

10.55  70 टन ट्रेलर  पर व्हील्ड आर्मड प्लेटफार्म 
इसे डीआरडीओ ने देश में डिजाइन और विकसित किया है। यह वाहन नदी और नहरों को आसानी से पार कर सकता है। सड़क पर इसकी स्पीड 100 किलोमीटर प्रतिघंटा हो सकती है। 70 टन का ट्रेलर बेहतर गतिशीलता के साथ अत्याधुनिक हाइड्रोलिक सस्पेंशन पर भारी पेलोड को लोड करने और उतारने के लिए स्टीयरेबल एक्सल और हाइड्रोलिक रैंप से लैस है।

अर्धसैनिक बल और अन्य सहायक बल 

10.56 असम रेजीमेंट
इस बल को पूर्वोत्तर का प्रहरी भी कहा जाता है।  इस दस्ते में देशभर से भर्ती किये गये सैनिक शामिल है जो विविधता में एकता की मिसाल है। 187 सालों का इतिहास 994 बहादुरों के बलिदान स्तंभों पर बना है । 

10.57 इंडियन कोस्ट गार्ड
यह अपने  समुद्री ऑपरेशन में महिलाओं को तैनात करने वाला पहले बल रहा है। यह 157 समुद्री जहाजों और 78 विमानों के बेड़े के साथ समुद्र में खरतो से मुकाबला करता है।  इसका मुख्य काम  समुद्री मार्गों के माध्यम से तस्करी को रोकना है ।

10.58 सीआरपीएफ का महिला मार्चिंग दस्ता 
इस महिला दस्ते को पीस कीपर्स ऑफ द नेशन के नाम से भी जाना जाता है। इसकी कमान असिस्टेंट कमांडेट पूनम गुप्ता के हाथों में है। इसे दुनिया में पहली महिला सशस्त्र बटालियन  बनने का गौरव प्राप्त है। सीआरपीएफ दुनिया का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है। इसमें 3.42 लाख से अर्धिक कर्मियों के साथ 246 बटालियन है।  

10.59 रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स
रेल मंत्रालय के 74 हजार नफरी के साथ संघ का  सशस्त्र बल है।  यह रेल संपत्ति और रेल यात्री से जुड़े मामले को देखता है। यह प्रतिदिन 23 मिलियन यात्रियों की सुरक्षा प्रदान कर रहा है।  
 
11.00 दिल्ली पुलिस
कर्तव्य पथ पर दिल्ली पुलिस की अगुवाई असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर श्वेता सुगाधन आईपीएस कर रही है । इस दस्ते में सभी जवान लगभग 6 फुट के है । इस दस्ते की  एक और विशेष्ता है 1950 से लेकर आजतक यह लागातार गणतंत्र दिवस परेड में भाग ले रहा है । इसे 15 बार सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ते सकी ट्राफी मिल चुकी है । 

11.01 बीएसएफ का ऊंट दस्ता 
राजसी वेशभूषा और शाही अदाज के साथ डिप्टी कमांडेंट मनोहर सिंह खीची के नेतृत्व में ऊंट सवार दस्ता । ऊंटो के कारवां में पहली बार महिला कैमल राईडर को शामिल किया गया है । बीएसएफ जवानों के लिये  ऊंट गुजरात और राजस्थान में सुरक्षा और चौकसी के लिये भरोसेमंद साथी है ।

11.02 बीएसएफ का ऊंट बैंड 
बैंड मास्टर इंस्पेक्टर बोधराज की अगुवाई में। संसार में इकलौता और अपनी तरह का एकमात्र ऊंट सवार बैंड दस्ता। हम है सीमा सुरक्षा बल बहादुरों का दल की स्वर लहरियां बिखरेती हुई।

11.03 एनसीसी 
महाराष्ट्र निदेशालय के सीनियर अंडर ऑफिसर पुजारी सिवानंद की अगुवाई में 148 युवा सीनियर कैडेटों का मार्चिंग दस्ता। आज देश में 14 लाख एनसीसी कैडेट है। युवा शक्ति के माध्यम से राष्ट्र निमार्ण एनसीसी का मुख्य ध्येय है।

11.04 एनसीसी की छात्राओं का मार्चिंग दस्ता
148 छात्राओं का मार्चिंग दस्ता है। इस दस्ते का नेतृत्व ओडिसा की सीनियर अंडर ऑफिसर सोनाली साहू कर रही हैं। ये कैडेट पर्वतारोहण, पैरा ग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग जैसे रोमाचंक अभियानों में हिस्सा लेती है।

11.04 एनएसएस 
राष्ट्रीय सेवा योजना का मार्चिंग दस्ता।  इसकी कमान चंडीगढ़ की आंचल शर्मा की हाथों में है।  
 इसमें 148 स्वयंसेवक शामिल है। इसके स्वयंसेवकों ने इस साल स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर अभियान में हिस्सा लिया है। पीएम ने भी मन की बात कार्यक्रम में इसकी सराहना की है।

11.05 प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार से सम्मानित 11 बच्चे
बाल पुरस्कार इनोवेशन, खेलकूद , वनाचार, कला एवं संस्कृति . बहादुरी और समाजिक सेवा क्षेत्र उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को दिया जाता है । इस बार 11 बच्चों को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया है।

बहादुरी के लिए मास्टर रोहन, रामचंद्र बहिर 

कला एवं संस्कृति के फील्ड में मास्टर आदित्या सुरेष, कुमारी एम गौरवी रेड्डी, मास्टर संभव मिश्रा, कुमारी श्रेया भट्टाचार्जी।

खेलकूद में  कुमारी हनाया निसार, कुमारी कोलगतला अलाना मिनाक्षी , मास्टर शौर्यजीत रंजीतकुमार खैरे।

नवाचार में मास्टर आदित्य प्रताप सिंह चौहान।

शैक्षणिक में मास्टर रिषि शिव प्रसन्ना।

समाज सेवा में कुमारी अनुष्का जॉली को दिया गया है। 

झाकियां - कुल 23 झांकी , 17 राज्यों व केंद्र शाषित प्रदेशों और 6 केंद्रीय मंत्रालयों का

11.06 आंध्रप्रदेश  ( प्रभाला तीर्थम- मकर संक्राति के दौरान किसानों का त्योहार )

11.07 असम ( सेनानियों और अध्यात्म की भूमि ) 

11.07 लद्दाख  ( लद्दाख का पयर्टन और समग्र संसकृति ) 

11.08 उत्तराखंड  ( मानसखंड पर आधारित है ) 

11.09 त्रिपुरा ( महिलाओं की सक्रिय भागीदारी में पर्यटन और जैविक खेती ) 

11.10 गुजरात  ( क्लीन ग्रीन उर्जा युक्त गुजरात )

11.11 झारखंड  ( वैधनाथ धाम और बिरसा मुंडा ) 

11.12 अरुणाचल प्रदेश ( पर्यटन की संभावनाएं )

11.13 जम्मू कश्मीर ( नया जम्मू कश्मीर ) 

11.14 केरल  ( नारी शक्ति )

11.15 पश्चिम बंगाल ( कोलकाता में दुर्गापूजा ) 

11.16 महाराष्ट्र ( साढ़े तीन शक्तिपीठ और नारी शक्ति )

11.17 तमिलनाडु ( महिला सशक्तिकरण और संस्कृति ) 

11.18 कर्नाटक ( नारी शक्ति का उत्सव )

11.19 हरियाणा ( कुरुक्षेत्र में गीता महोत्सव ) 

11.20 दादरा नगर हवेली और दमन एवं दीव ( जनजातीय संस्कृति और विरासत का संरक्षण ) 

11.21 उत्तरप्रदेश  ( अयोध्या दीपोत्सव ) 

11.22 भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (पोषक तत्वों के  पॉवर हाउस  अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स दिवस2023 भारत की पहल )

11.23 जनजातीय कार्य मंत्रालय ( एकलव्य आदर्श आवासीय विधालय )

11.24 एनसीबी ( नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो - संकल्प नशा मुक्त भारत )

11.25 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल ( नारी शक्ति )

11.26 केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ( जैव विविधता )

11.27 संस्कृति मंत्रालय ( शक्ति रुपेण संस्थिता - भारत की मातृ शक्ति को समर्पित ) 
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सांस्कृतिक कार्यक्रम
11.28 वंदे मातरम ( नारी शक्ति  थीम पर 17-30 आयु वर्ग के 479 कलाकार। अलग अलग राज्यों ओर क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में चुना गया है। इस दल में 326 नर्तकियां और 153 नर्तक शामिल है।

11.39 कोर ऑफ सिग्नल का डेयर डेविल्स टीम
मोटर साइकिल प्रदर्शन। ऐसा प्रदर्शन जो हर किसी को स्तब्ध कर देगा ।सांसे थामने को विवश कर देगा । कोई  मोटर साइकल चलाने के साथ सैल्युट करता दिखेगा  तो कोई योग करता तो कोई 18 फीट ऊंची लैडर पर विश्व रिकार्ड बनाता नजर आएगा । कोई लोट्स में दिखेगा तो कोई अभिमन्यू की तरह ।  

11.52 वायुसेना का  फ्लाई पास्ट
वायुसेना के 44 एयरकाफ्ट फ्लाई पास्ट में हिस्सा लेंगे
प्रचंड फॉरमेशन में 01  लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर , दो अपाचे  हेलीकॉप्टर  और दो एएलएच 
तिरंगा फॉरमेशन में 05 सांरग हेलीकॉप्टर
तंगैल फॉरमेशन में एक डकोटा की अगुवाई में 02 डॉर्नियर विमान
बजरंग फॉरमेशन में चार रफाल के साथ एक सी 130
गरुड़  फॉरमेशन में  नौसेना का एक आईएल 38 और एक एएन-32
नेत्र फॉरमेशन में चार रफाल विमानों के साथ एक ए डब्लू एंड सी 
भीम फॉरमेशन में दो सुखोई 30 के साथ एक  सी 130 
अमृत फॉरमेशन में 06  जगुआर 
त्रिशुल  फॉरमेशन में तीन सुखोई 
विजय फॉरमेशन में एक रफाल जमीन से 900 किलोमीटर की रफ्तार से । सलामी मंच के सामने वर्टिकल चार्ली दिखाते हुए कई बार घुमेगा )

12.04 बजे तक राष्ट्रगान।
12.05 राष्ट्रपति का प्रस्थान।
 
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