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दिल्ली: चिड़ियाघर में ढाई साल में 7 बिग कैट ने तोड़ा दम, मौत की रही यह बड़ी वजह

Sun, 06 Mar 2022 04:21 PM IST
kumar गुलशन कुमार पीटीआई, नई दिल्ली

सार

कैद में रहने के कारण बिग कैट में किडनी की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इससे उनकी शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और वजन बढ़ने लगता है। सात में से चार की मौत किडनी खराब होने के कारण हुई है।
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सफेद शेर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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दिल्ली के चिड़ियाघर में बीते ढाई साल में सात बिग कैट की मौत हो गई है, जिनमें तीन शेर और चार टाइगर शामिल हैं। सभी बिग कैट एशियाई शेरों और बंगाल के बाघों के संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम में शामिल रही थीं। सात में से चार की मौत किडनी खराब होने के कारण हुई है।

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चिड़ियाघर की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कैद में रहने के कारण बिग कैट में किडनी की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इससे उनकी शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और वजन बढ़ने लगता है। इसे निपटने के लिए उन्हें अलग-अलग तरह का भोजन दिया जाता है और उन्हें विभिन्न टूल्स दिए जाते हैं। 

वहीं, दिल्ली चिड़ियाघर के निदेशक धर्मदेव राय ने कहा कि इस मुद्दे को विस्तार से अध्ययन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'हम कुछ भी निष्कर्ष निकालने से पहले उनके वंश और संतान के बारे में और अधिक जानने की कोशिश करेंगे, साथ ही मौत के कारणों का पता लगाएंगे।'
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क्या है संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के अनुसार, संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम एक प्रजाति के संरक्षण का विज्ञान है, जो बड़ी संख्या में उन्मूलन दबावों जैसे कि निवास स्थान की हानि, आवास विखंडन, औद्योगीकरण, अवैध व्यापार और जलवायु के कारण जंगली में आसन्न आबादी के पतन को रोकता है।

वर्तमान में चिड़ियाघर में कितने बाघ और शेर
वर्तमान में दिल्ली के चिड़ियाघर में पांच सफेद बाघ हैं, जिनमें तीन नर और दो मादा शामिल हैं। इसके साथ ही चार बंगाल टाइगर हैं, जिनमें तीन मादा और एक नर शामिल है। वहीं, चार शेर भी हैं, जिनमें दो नर और दो मादा हैं।

10 जनवरी को हुई थी नवीनतम मौत
एक अधिकारी ने कहा कि नवीनतम मौत 10 जनवरी को हुई थी। आठ वर्षीय शेरनी हेमा की मौत मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण मृत्यु हो गई थी। हेमा और एक शेर अमन को 2015 में छतबीर चिड़ियाघर, चंडीगढ़ से यहां लाया गया था। अमन की मौत पिछले साल 9 मई को हार्ट अटैक के कारण हुई थी।

वहीं, 14 दिसंबर 2020 को निर्भया नाम की छह वर्षीय सफेद बाघिन की 'एक्यूट कार्डियक फेल्योर' के कारण मौत हो गई थी। वहीं, सी-सेक्शन के दौरान निर्भया के एक शावक की मौत हो गई, जबकि दूसरे की मौत 19 दिन बाद हो गई।

आठ से दस साल होता है बंगाल टाइगर का जीवनकाल
एक 15 वर्षीय बंगाल टाइगर 'बी-2' की मौत 19 नवंबर 2020 को किडनी की बीमारी और उम्र से संबंधित समस्याओं के कारण हो गई थी। 2014 में भोपाल के वन विहार चिड़ियाघर से लाए गए 'बी-2' ने अपना औसत जीवन काल पूरा कर लिया था। एक बंगाल टाइगर का जीवनकाल औसतन आठ से 10 साल और अधिकतम जीवनकाल लगभग 15 वर्ष का होता है। 

वहीं, 7 अक्टूबर 2020 को 11 वर्षीय शेरनी अखिला की किडनी की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई, वह नौ साल से लकवा से पीड़ित थी। अखिला का जन्म 19 मई 2009 को चिड़ियाघर में हुआ था। वहीं, 23 अप्रैल 2020 को चिड़ियाघर में कल्पना नाम की एक 13 वर्षीय सफेद बाघिन की मौत हो गई थी। गुर्दे की विफलता के कारण उसका निधन हो गया था। 20 सितंबर, 2019 को आठ वर्षीय बंगाल टाइगर, रामा की मौत का कारण किडनी फेल होना ही था। बाघ को 2014 में मैसूर चिड़ियाघर से लाया गया था।
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