गीता कालोनी के श्मशान घाट के पास पुश्ता रोड पर दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य में इस्तेमाल कंक्रीट गर्डर के नीचे दबकर 12 साल के बच्चे की मौत हो गई। वहां खेल रहे कुछ लड़कों ने शव देखकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। बच्चा शुक्रवार सुबह से लापता था। शुरुआती जांच में हादसे में बच्चे की मौत होने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने निर्माण कंपनी के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस को गीता कॉलोनी के शनि मंदिर के सामने पुश्ता रोड पर एक लड़के के भारी स्लैब के नीचे दबे होने की जानकारी मिली। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों ने पाया कि 12 साल का लड़का दिल्ली-देहरादून सड़क परियोजना के लिए वहां रखे गए भारी कंक्रीट स्लैब के नीचे दबा हुआ है।
पुलिस ने हाइड्रोलिक क्रेन के जरिए गर्डर हटाकर लड़के को बाहर निकाला। उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पता चला कि इलाके में भारी कंक्रीट गर्डर स्लैब बेतरतीब ढंग से रखे गए थे और कंपनी ने उस जगह की सुरक्षा के लिए कोई उपाय नहीं किया था।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना का कोई चश्मदीद नहीं मिला, लेकिन आशंका है कि उस जगह पर खेलते हुए बच्चे पर स्लैब गिरा होगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृत बच्चा अपने परिवार के साथ गीता कॉलोनी के मुल्तानी मोहल्ले में रहता था। वह मूलत: बांग्लादेश का रहने वाला था। लड़के की मौत के बाद लोगों ने वहां पर प्रदर्शन किया और संपत्ति काे नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने वहां पहुंचकर लोगों को शांत करवाया।