इंटरमीडिएट की टॉप-10 सूची में एक बार फिर नोएडा के स्कूल फिसड्डी साबित हुए हैं। टॉप-10 में केवल दो छात्र नोएडा के हैं, जबकि बाकी सभी छात्र ग्रेटर नोएडा, दादरी, बिलासपुर और रबूपुरा क्षेत्र के हैं। पिछले वर्ष भी नोएडा का हाल ऐसा ही रहा था। तब टॉप-10 में नोएडा का एक भी छात्र शामिल नहीं था। वहीं टॉप-10 सूची में केवल दो छात्र हैं और बाकी 12 छात्राएं हैं। नंबर एक से लेकर 10 तक पर लड़कियों ने बाजी मारी है।
ऐसा पहली बार हुआ है। सूची में शामिल दो छात्र नीरज सोलंकी ने दूसरा और अजीत कुमार राय ने 10वां स्थान लड़कियों के साथ साझा किया हैं। वहीं, लगातार दूसरे वर्ष परिणाम में लड़की ने परचम लहराया है। टॉप-10 सूची में दो नंबर पर दो, छह पर तीन और दस नंबर पर दो परीक्षार्थी रहे हैं। उधर, 12वीं का परीक्षा परिणाम में दो साल बाद सुधार हुआ है। पिछले वर्ष 12वीं का परिणाम 82.41 प्रतिशत रहा था, लेकिन इस वर्ष 84.96 प्रतिशत रहा है। 2.55 प्रतिशत की वृद्धि रही हैं।
बलात्कार के आरोप में बंद एक बाल अपचारी ने भी कक्षा 12वीं की परीक्षा पास की है। उसने 53.6 प्रतिशत अंक हासिल किए है। वह फेस-2 स्थित बाल सुधार गृह में बंद है और वहां से बंबावड़ स्थित केंद्र पर परीक्षा दी थी। बेटे की सफलता से परिजन खुश है, लेकिन उसके भविष्य को लेकर चिंतित है। हाईस्कूल में भी बाल अपचारी ने 50 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे।
ग्रामीण क्षेत्र के कैमराला और पल्ला समेत अन्य गांवों के स्कूल भी इस बार पीछे नहीं हैं। कैमराला गांव के आरएमएम पब्लिक स्कूल(दसवीं तक) का परिणाम 98 फीसदी रहा है। जबकि यहां के कक्षा 10 के छात्र सागर मावी ने 86 फीसदी अंक लाकर स्कूल टॉप किया है। स्कूल के चेयरमैन सतेंद्र मावी ने बताया कि यह केवल विद्यार्थियों की मेहनत का नतीजा है। वहीं, पल्ला गांव के एमडी इंटर कॉलेज के चेयरमैन राजवीर सिंह भाटी ने बताया कि कक्षा 10वीं के छात्र आयुष ने 89.5 फीसदी लाकर स्कूल टॉप किया है। जबकि अनुष्का ने 86.1 और कोशांबी ने 85.6 फीसदी अंक लाकर दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे हैं।
हाईस्कूल-इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम काफी अच्छा रहा है। हालांकि इंटरमीडिएट में रैंक अच्छी नहीं मिली है। अगले वर्ष और बेहतर परिणाम लाने का प्रयास किया जाएगा। टॉपर्स के साथ सफलता हासिल करने वाले सभी छात्रों को अच्छे भविष्य के लिए शुभकामनाएं।