आपदा में घायल पिथौरागढ़ की पूजा आज भले ही इस दुनिया में नहीं है लेकिन उसकी आंखों से दो लोगों को रोशनी मिल गई है। 15 साल की पूजा के नेत्रदान से हम और आप भी प्रेरणा ले कसते हैं। मरने के बाद अपनी आंखें दान करके कइयों की अंधेरी दुनिया में रोशनी कर सकते हैं। नेत्रदान से बड़ा कोई पुण्य नहीं है इसलिए इस अभियान में शामिल होकर दूसरों की जिंदगी में रोशनी भरें।
एक व्यक्ति के नेत्रदान से आठ जिंदगियां रोशन हो सकती हैं। एक कार्निया में चार परतें होती हैं। इन्हें जरूरत के लिहाज से अलग-अलग रोगी को लगाया जा सकता है। अगर पूरी कार्निया लगाई जाए तो एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो लोगों की अंधेरी दुनिया में उजाला आ जाएगा।
हिमालयन अस्पताल (जौलीग्रांट) की आई बैंक प्रभारी डा. निधि गुप्ता ने बताया कि नेत्रदान के इच्छुक व्यक्ति नेत्रदान के संबंध में शपथ पत्र जमाकर सकते हैं। जो व्यक्ति नेत्रदान के लिए शपथ पत्र भरेगा उसे डोनेशन कार्ड दिया जाएगा, जिसे वह अपने पास रखेगा। शपथपत्र आई बैंक में रहेगा।
जौलीग्रांट अस्पताल के नेत्र रोग विभाग ने कार्निया ट्रांसप्लांट करके अभी तक 78 लोगों की आंखें रोशन की हैं। डाक्टरों का कहना है कि नेत्रदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलना चाहिए। नेत्रदान करने से व्यक्ति के दुनिया से जाने के बाद कोई और उनकी आंखों से दुनिया देख सकेगा।
प्राण त्यागने के छह घंटे के भीतर करें नेत्रदान
अच्छी क्वालिटी की कार्निया के लिए व्यक्ति की मृत्यु के छह घंटे के अंदर नेत्रदान जरूरी। वैसे बारह घंटे के अंदर भी हो सकता है नेत्रदान लेकिन घट जाती है कार्निया की क्वालिटी। एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और सी संक्रमित रोगी के नेत्र दान न करें। जिन रोगियों के आंख के परदे और मोतियाबिंद का आपरेशन हुआ है, उनकी आंखें भी की जा सकती हैं दान।
नेत्रदान के लिए यहां करें संपर्क
अगर किसी व्यक्ति का देहांत हो गया है और परिजन उसके नेत्रदान करना चाहते हैं तो डा. निधि गुप्ता के मोबाइल नंबर 07579067716 पर सूचित करें।
हिमालयन इंस्टीट्यूट में भरें शपथपत्र
हिमालयन इंस्टीट्यूट जौलीग्रांट के नेत्र रोग विभाग में नेत्रदान के लिए शपथ पत्र सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मिलते हैं.
नेत्रदान संबंधी शपथ पत्र के लिए करें संपर्क
0135-2471440, 2471335
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