चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर पोलगांव से पालीगाड के बीच करीब नौ स्थानों पर भूस्खलन जोन है जिससे बरसात के दौरान चारधाम यात्रा भी बाधित होती है। वहीं आवाजाही भी जोखिमभरी रहती है।
यात्रा सीजन में यमुनोत्री हाईवे पर जगह-जगह नासूर बने भूस्खलन जोन से जल्द निजात मिल जाएगी। इसके लिए टीएचडीसी की ओर से तैयार डीपीआर के अनुरूप 125 करोड़ की लागत से भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट कार्य शुरू हो गया है।
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चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर पोलगांव से पालीगाड के बीच करीब नौ स्थानों पर भूस्खलन जोन है जिससे बरसात के दौरान चारधाम यात्रा भी बाधित होती है। वहीं आवाजाही भी जोखिमभरी रहती है।
समस्या पर गत माह टीएचडीसी ने भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट के लिए डीपीआर (विस्तृत कार्य योजना) तैयार कर राजमार्ग निर्माण खंड को सौंपा था जिसके तहत नौ में से चार भूस्खलन जोन पर करीब 55 करोड़ की लागत से ट्रीटमेंट कार्य शुरू हो गए हैं।
इससे आगामी चारधाम यात्रा में यहां आवाजाही सुगम व सरलता से होने की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों ने भी शासन-प्रशासन से उक्त भूस्खलन जोन में गुणवत्ता के साथ ट्रीटमेंट कार्य करवाए जाने की मांग की है।
यमुनोत्री हाईवे पर पोलगांव से पालीगाड तक नौ जगहों पर भूस्खलन जोन के उपचार के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है जिसमें से चार जगहों पर कार्य शुरू किया गया है और शेष जगहों पर जल्द शुरू किया जाएगा।
-धीरज गुप्ता, एई, एनएच बड़कोट।