नस सिकुड़ने से कम हो जाती ऑक्सीजन
डॉ. विकास ने बताया कि इस बीमारी में दिल से फेफड़े तक जाने वाली नस सिकुड़ जाती है। इससे खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। इस समस्या से ग्रसित बच्चे जब रोते या दौड़ते हैं तो इनका शरीर नीला पड़ने लगता है। दिल के छेद को सर्जरी के माध्यम से ठीक किया जाता है।
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इससे खून में ऑक्सीजन की मात्रा सही होने लगती है। अस्पताल में हर तीसरे दिन एक बच्चे के दिल की सर्जरी हो रही है। इस तरह के बच्चों की सर्जरी होने के बाद बच्चे अपनी सामान्य जिंदगी जी सकते हैं। हालांकि, अनियमित दिनचर्या होने पर 40 से 50 की उम्र में कुछ बीमारियां हो सकती हैं जो अन्य लोगों को भी हो जाती हैं।