हृदय का ऑपरेशन करने के लिए जिला अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है। इसके कारण मरीजों को हृदय रोग के लिए दून मेडिकल कॉलेज या फिर ऋषिकेश एम्स में उपचार कराने के लिए जाना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों में इलाज करना पड़ रहा है।
मरीजों को चंडीगढ़ तक जाकर ऑपरेशन कराने पड़ रहे
ऐसे में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं होने से कई बार सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार नहीं मिल पाने से वे अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। हार्ट का उपचार भी महंगा होने से लोग निजी अस्पतालों में उपचार नहीं करा पा रहे हैं। अटल आयुष्मान में हार्ट के उपचार की सुविधा होने के बावजूद मरीजों को चंडीगढ़ तक जाकर ऑपरेशन कराने पड़ रहे हैं।
जिन अस्पतालों में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं हैं। वहां कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा ताकि हृदय रोगियों को सरकारी अस्पतालों में उपचार मिल सके।
-डॉ. एसके झा, मुख्य चिकित्साधिकारी हरिद्वार