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देहरादून नारी निकेतन में कुछ तो गड़बड़ है

Wed, 18 Nov 2015 03:46 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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नारी निकेतन में एक संवासिनी के शारीरिक शोषण का गुप्त पत्र अमर उजाला में प्रकाशित होते ही जिला प्रशासन, बाल संरक्षण आयोग और राज्य महिला आयोग हरकत में आ गए।
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डीएम रविनाथ रमन ने मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर, मंगलवार को जब बाल अधिकार संरक्षण आयोग की उपाध्यक्ष विजयलक्ष्मी गुसाईं नारी निकेतन पहुंचीं तो संवासिनियों ने डरते हुए उनसे कहा कि मैडम प्लीज हमें घर भिजवा दो।

सवाल उठता है कि नारी निकेतन की संवासिनियां इतनी डरी क्यों रहती हैं? जो भी नारी निकेतन जाता है उससे वह हाथ जोड़कर सिर्फ यही कहती हैं कि किसी भी तरह हमें घर भिजवा दो। इससे यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर नारी निकेतन में ऐसा क्या हो रहा है जिसकी परदेदारी की जा रही है? कुछ तो है जिसे छिपाया जा रहा है?
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नारी निकेतन में संवासिनी के साथ शोषण की खबर मंगलवार को अमर उजाला में छपते ही हड़कंप मच गया। बाल आयोग की उपाध्यक्ष विजयलक्ष्मी गुसाईं ने जैसे ही खबर पढ़ी स्टाफ के एक व्यक्ति के साथ बाइक से ही नारी निकेतन के लिए निकल पड़ीं।

उन्होंने संवासिनियों को एक-एक कर कमरे में बुलाया और उनसे सवाल किए, लेकिन संवासिनियां हर बार की तरह चुप रही। विजय लक्ष्मी ने बताया कि नारी निकेतन में बेहद गंदगी है। बताया कि वहां ऐसी बदबू है कि एक दिन में मेरी तबीयत खराब हो गई।

उन्होंने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में वहां संवासिनियों को कैसे रखा जा रहा है? इसके अलावा वहां स्टाफ की भी कमी है। उन्होंने कहा कि संवासिनियों को इतना डरा कर रखा गया है कि वह कुछ भी बोलने को राजी नहीं होतीं। मुझे शक है कि कुछ तो गड़बड़ है। मैं वहां दोबारा जाऊंगी। जो भी हकीकत है उसे जानने का प्रयास करूंगी।

इस संबंध में जिलाधिकारी से भी मुलाकात करूंगी। उन्होंने कहा कि भले ही मामले में नारी निकेतन के स्टाफ ने चुप्पी साध ली है, लेकिन अगर प्रकरण की निष्पक्ष जांच होती है तो बड़ा मामला सामने आ सकता है।

महिला आयोग की सचिव भी पहुंचीं निकेतन
महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजिनी कैंतुरा ने बताया कि मंगलवार सुबह जैसे ही मैंने अमर उजाला में संवासिनी के शोषण की खबर पढ़ी, तुरंत आयोग की सचिव सुजाता सिंह को नारी निकेतन जाने के लिए कहा। सुजाता सिंह ने बताया कि वह नारी निकेतन गई थीं।

हालांकि, उन्होंने अपनी रिपोर्ट के बारे में कुछ नहीं बताया। कहा कि जो भी रिपोर्ट बनाएंगी, उसे आयोग की अध्यक्ष को देंगी। इस संबंध में आयोग की अध्यक्ष का कहना था कि वह किसी काम से बाहर हैं। जैसे ही दून पहुंचेंगी नारी निकेतन जाएंगी।

मुख्यमंत्री जी, आपको भी कुछ नहीं दिखा
संवासिनी के संबंध में अमर उजाला को मिला पत्र समाज कल्याण निदेशक के नाम है, जिसकी एक प्रति मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है। समाज कल्याण निदेशक के नाम भेजे पत्र में मुख्यमंत्री से सवाल किया गया है कि नारी निकेतन में कई बार आपने निरीक्षण किया। क्या कभी आपको वहां संवासिनियों के शोषण की भनक नहीं लग पाई?

कब होगी कार्रवाई?
मंगलवार को महिला आयोग की सचिव सुजाता सिंह और बाल आयोग की उपाध्यक्ष विजयलक्ष्मी गुसाईं संवासिनियों के शारीरिक शोषण की खबर पढ़कर भले ही नारी निकेतन पहुंच गईं, लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ वहां जाना ही काफी है? आखिर कोई ऐसी रिपोर्ट क्यों नहीं दे पा रहा है, जिससे पीड़ितों के साथ न्याय हो।

संवासिनियों के शोषण का मामला काफी गंभीर है। समाज कल्याण अधिकारी को प्रारंभिक जांच के लिए निर्देशित किया जा रहा है। मामला सही निकला तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसकी मजिस्ट्रियल जांच भी कराई जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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- रविनाथ रमन, जिलाधिकारी
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