पति द्वारा साथ में देहरादून न ले जाने से नाराज नवविवाहिता ने यमुना नदी में छलांग लगाकर जान दे दी।
तीन माह पूर्व ही हुआ था विवाह
करीब 100 मीटर बहने के बाद उसका शव नदी की दो धाराओं के बीच बने टापू में फंस गया। जल पुलिस ने राफ्ट की मदद से शव को निकाला। तीन माह पूर्व ही उसका विवाह हुआ था।
डेयरी फार्म कालसी निवासी सूरज थापा माता-पिता के साथ फार्म में रहता है और यहीं मजदूरी करता है। तीन माह पूर्व उसका विवाह चपताड़ी गांव थाना बड़कोट, उत्तरकाशी निवासी गीता उर्फ भारती (21) से हुआ था।
उफनती नदी में लगा दी छलांग
बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह 10 बजे सूरज किसी काम से देहरादून जाने को तैयार हुआ। गीता भी साथ जाने की जिद करने लगी। सूरज ने मजबूरी बताकर उसे साथ ले जाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद वह देहरादून के लिए निकल गया। नाराज गीता भी घर से निकल गई। ससुर और देवर भी उसे रोकने के लिए पीछे दौड़ पडे़। यमुना किनारे पहुंची सरिता ने उफनती नदी में छलांग लगा दी।
बामनवाला के कुछ युवकों ने उसे बहता देख पुलिस को इसकी जानकारी दी। कुछ दूर बहने के बाद उसका शव टापू में फंस गया।
पुलिस के जवानों ने नदी से बाहर निकाला शव
थानाध्यक्ष हरिओम चौहान की अगुवाई में जल पुलिस के जवानों ने शव नदी से बाहर निकाला। थानाध्यक्ष ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। महिला के परिजनों को जानकारी दे दी गई है।
प्रथमदृष्टया मामला गृह क्लेश का प्रतीत होता है। पुलिस अपने स्तर से भी जांच कर रही है। मायके पक्ष के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।