कोरोना संकट के चलते पिछले दो साल से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का इंतजार कर रहे वाहन स्वामियों के लिए अच्छी खबर है। कोरोना कम होने के साथ ही आरटीओ दफ्तर में पूरी क्षमता के साथ ड्राइविंग लाइसेंस बनने लगे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अब रोजाना 150 लर्निंग, 175 स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के साथ ही करीब 150 पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण किया जा रहा है।
कोरोना संकट के चलते आरटीओ दफ्तर में पिछले दो साल से लाइसेंस का काम पहले कई महीने तो पूरी तरह ठप रहा। बाद में कोरोना को लेकर स्थितियां सामान्य होने पर लाइसेंस बनाने का काम शुरू किया गया, लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए ड्राइविंग लाइसेंस का कोटा निर्धारित कर दिया गया। एक दिन में सिर्फ 25 ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ऐसे में बैकलॉग बढ़कर दस हजार तक पहुंच गया। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने को लेकर स्थिति ऐसी बन गई कि वाहन स्वामियों को पंजीकरण कराने के बाद चार-चार महीने तक का लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन अब जबकि कोरोना संक्रमण की स्थितियां सामान्य हो गई हैं तो ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में तेजी आई है।
एआरटीओ (प्रशासन) द्वारिका प्रसाद ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस का बैकलॉग काफी हद तक समाप्त कर दिया गया है। ज्यादा से ज्यादा वाहन स्वामियों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जा चुका है। आरटीओ दफ्तर में फिलहाल 500 ड्राइविंग लाइसेंस रोजाना जारी किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही बैकलॉग समाप्त करने के साथ ही सभी के ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे।