खजुराहो थीम के स्टेज पर कुमाऊं के छपेली नृत्य के साथ शुक्रवार शाम को विरासत का आगाज हो गया। बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कार्यक्रम की शुरुआत की। बॉलीवुड के जाने-माने निर्माता-निर्देशक गोविंद निहलानी भी मौजूद रहे। शुभारंभ अवसर पर विरासत में अगली बार से इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन करने की पैरवी भी जोर-शोर से की गई।
कौलागढ़ रोड स्थित अंबेडकर स्टेडियम में आयोजित विरासत 15 दिन तक चलेगा। अलग-अलग दिनों में कार्यक्रम में लखविंद्र वडाली, वारसी ब्रदर्स, अहमद हुसैन-मोहम्मद हुसैन जैसे नाम भी हुनर पेश करेंगे। शुक्रवार को कार्यक्रम की शुरुआत में रंगारंग कार्यक्रमों की ऐसी छठा बिखरी कि हर कोई मुग्ध हो गया। छपेली नृत्य के बाद छाऊ नृत्य प्रस्तुत किया गया।
राजेंद्र गंगानी एंड ट्रुप ने कथक की प्रस्तुति से मन मोह लिया। खजुराहो थीम का स्टेज भी लोग पसंद कर रहे हैं। हालांकि पहले दिन दर्शकों की संख्या कम रही। आयोजक आरके सिंह ने कहा कि रीच संस्था का पूरा प्रयास है कि अगले साल से विरासत के साथ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन भी कराया जाए। इसके लिए गोविंद निहलानी से विचार-विमर्श के साथ ही उनका सहयोग लिया जाएगा। इस मौके पर लोकेश ओहरी, विजश्री, राजश्री आदि उपस्थित थे।
‘शनिदेव’ से दूर रहें विरासत वाले : रावत
विरासत के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में एक ओर मां गंगा बह रही हैं तो दूसरी ओर संस्कृति की ‘गंगा’। यहां की संस्कृतियां भले ही आकार में छोटी हैं, लेकिन उनका इतिहास पुराना और वजनदार है। शुभारंभ अवसर पर मौजूद बॉलीवुड के जाने-माने निर्माता-निर्देशक गोविंद निहलानी को कार्यक्रम में पहुंचने के लिए भी मुख्यमंत्री ने धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत में फिल्म फेस्टिवल कराए जाने के लिए सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि राजनीति से दूर रही चीजें ही सफल होती हैं, जो हमारे नजदीक आया वो बना कम है, बिगड़ा ज्यादा है। कहा कि अच्छा है विरासत वाले हमसे यानी शनिदेव से दूर हैं फिर भी हमसे जो मदद हो सकेगी हम करेंगे।
विरासत में शनिवार को खास
अल्मोड़ा की बैठकी होली गायन - शाम 5 बजे
लखविंद्र वडाली की प्रस्तुति - शाम आठ बजे
तस्वीरों में दिख रहा पुराना दून
विरासत में राजा दीनदयाल प्रदर्शनी में देशभर की तस्वीरों के बीच ही दून की दुर्लभ तस्वीरें भी आप देख सकते हैं। यहां दून-मसूरी की वर्ष 1814 से 1870 तक की तस्वीरें उपलब्ध हैं। इनमें प्रभात सिनेमा में वर्ष 1958 में फिल्म देखने उमड़ी भीड़, 1814-15 का खलंगा, कालसी का यमुना ब्रिज, मसूरी के पास पकड़े गए हाथियों के झुंड आदि की तस्वीरें हैं।
निहलानी को भाती है दून की ठंड
विरासत के आगाज पर दून पहुंचे तक्षक, आक्रोश और देव जैसी कई बेहतरीन फिल्मों के निर्माता-निर्देशक गोविंद निहलानी का कहना है कि उन्हें दून काफी खूबसूरत लगता है। खासकर यहां की ठंड उन्हें बेहद पसंद है।
अमर उजाला से बातचीत में गोविंद ने बताया कि वह अब तक दो बार दून आए हैं। कहा-मैं उत्तराखंड को ज्यादा देख और समझ तो नहीं पाया हूं लेकिन मुझे यहां सब्जेक्ट की तलाश है। मेरी फिल्में लिट्रेचर पर आधारित रहती हैं, यदि यहां भी ऐसा कोई लिट्रेचर मुझे मिलता है तो मैं जरूर उसे लेकर फिल्म बनाऊंगा। उन्होंने कहा कि विरासत के मंच पर जो कुमाऊंनी नृत्य देखा बेहद खूबसूरत लगा।
बताया कि जल्द ही उनकी थ्रीडी मूवी बेबी कैमल आने वाली है। यह ऐसी थ्रीडी मूवी होगी, जिसके लिए चश्मा नहीं लगाना पड़ेगा। यह एक फैमिली फिल्म है फिर भी इसे बच्चों के स्कूलों की छुट्टियों के समय रीलीज किया जाएगा, यह एनीमेशन मूवी है। जिसकी स्टोरी गोविंद ने खुद लिखी है। कहा कि विरासत में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल कराए जाने का वे भी पक्षधर हैं। प्रयास होगा कि अगली बार से ही यहां फिल्म फेस्टिवल हो सके।