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व्हाट्स ऐप पर वायरल पुलिस के अंदर का विरोध!

Sun, 16 Aug 2015 09:03 AM IST
ब्यरो/अमर उजाला, देहरादून
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पुलिस विभाग में कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों और उनके उत्पीड़न के संबंध में व्हाट्स एप पर प्रसारित संदेश में पुलिस कर्मियों को 16 अगस्त को काली पट्टी बांधकर विरोध जताने के लिए कहा जा रहा है। हालांकि इस संदेश को किसने और कहां से जारी किया है मालूम नहीं चल रहा है।
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मैसेज के संबंध में पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि पुलिस विभाग में इस तरह की कोई बात नहीं है। यह किसी सिरफिरे की शरारत है। मामले की जांच की जाएगी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

व्हाट्स ऐप पर चल रहे मैसेज में पुलिसकर्मियों की संख्या के साथ उनके परिवार को जोड़कर मतदाताओं का आंकड़ा दिया गया है। कहा गया है कि यह संख्या किसी भी दल की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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सरकारी विभागों की तुलना करते हुए पुलिस विभाग को उपेक्षित बताया गया है। कहा गया है कि दूसरे विभाग के कर्मचारी आंदोलन करके अपना हक पा लेते हैं, लेकिन अनुशासन में बंधे पुलिस विभाग के कर्मचारी अपनी बात तक नहीं उठा पाते। यह संदेश किसने प्रसारित किया है यह साफ नहीं है।
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संदेश प्रसारित होने से विभाग में खलबली

पिछले कई दिनों से यह संदेश सोशल साइट पर वायरल है। इसकी जानकारी होने पर पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने इस संबंध में जांच पड़ताल भी कराई है। थाना और चौकी स्तर पर बैठक कर पुलिसकर्मियों की नब्ज को टटोला भी गया है। इस तरह के किसी आंदोलन में शामिल नहीं होने की नसीहत भी दी गई।

कहा गया है कि इस तरह का कदम अनुशासनहीनता माना जाएगा। यदि किसी ने भी इस तरह की हरकत की तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अधिकारिक तौर पर आला अधिकारी भी इस तरह की किसी भी बात से इनकार करते हैं।

बोले एसएसपी
व्हाट्स एप पर प्रसारित संदेश बेवकूफी भरा है। हर माह सम्मेलन में पुलिसकर्मियों की शिकायत सुनकर उनका निस्तारण किया जाता है। विभाग के हर कर्मचारी को अपनी बात आला अधिकारियों के सामने रखने का अधिकार है। जिस तरह की बातें प्रचारित की जा रही हैं पुलिस विभाग में ऐसी कोई बात नहीं है। पुलिस विभाग एक अनुशासित बल है, उसमें इस तरह की हरकत की गुंजाइश ही नहीं होती।
-पुष्पक ज्योति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक।
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