मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
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नौजवान बुजर्गों और महिलाओं को पहले दर्शन करने दें
मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रा पर आ रहे नौजवानों से अपील की कि वे बुजुर्गों और महिलाओं को पहले दर्शन करने दें। उन्होंने यह भी अपील की कि जिन तीर्थयात्रियों का स्वास्थ्य ठीक अवस्था में नहीं है, वे यात्रा शुरू न करें। यात्रा के लिए ठहरने व अन्य जरूरी इंतजाम करने के बाद ही निकलें। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को सुव्यवस्थित और नियमानुसार यात्रा संचालन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा हमारी चुनौती है, लेकिन सरकार इसे सुव्यवस्थित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
अव्यवस्था व भगदड़ से नहीं हुई मौतें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते कुछ समय में चार धाम यात्रा में जितनी भी मौतें हुई हैं, वे यात्रा में अव्यवस्था एवं भगदड़ मचने से नहीं, बल्कि अन्य स्वास्थ्यगत कारणों से हुई हैं। मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा पर आने वाले नौजवानों से अनुरोध किया कि नौजवान पहले बुजुर्ग एवं महिलाओं को दर्शन करने का मौका दें।
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केदारनाथ में पहले दिन दिखी थी भारी बदइंतजामी
केदारनाथ में पहले दिन दर्शन के दौरान भारी अव्यवस्थाएं सामने आई थीं। आमतौर पर मंदिर समिति और जिला प्रशासन की ओर से वीआईपी दर्शन के लिए और हेली सेवा के लिए अलग से दर्शनों की व्यवस्था थी। कपाट खुलने के दिन आम तीर्थयात्री भी वीआईपी प्रवेश से दर्शन करने के लिए पहुंच गए। इस भारी अव्यवस्थाएं पैदा हो गई। मंदिर के जिस द्वार से श्रद्धालु दर्शन करने के बाद बाहर आते हैं, उसी द्वार से सैकड़ों की संख्या में तीर्थयात्री अंदर दर्शन करने की कोशिश कर रहे थे। इसी द्वार से वीआईपी भी मंदिर में दर्शन करने जाते हैं।
हमारा एक मात्र उद्देश्य है कि यात्रा सबके लिए अच्छी, सरल और सुगम हो। मैं उन सभी तीर्थयात्रियों से अपील करता हूं कि जब तक उनका स्वास्थ्य ठीक अवस्था में न हो, वे यात्रा प्रारंभ न करें। दर्शन के लिए अलग से वीवीआई या विशिष्ट श्रेणी के दर्शन की व्यवस्था नहीं होगी। सभी एक समान रूप से दर्शन करेंगे।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड