उत्तराखंड में कांग्रेस भले ही अंकगणित से मजबूत अकेले बहुमत के करीब पहुंच गई हो लेकिन अभी भी बड़े नेताओं के बीच शक्ति प्रदर्शन थमा नहीं है।
अपने समर्थक विधायकों के साथ मुख्यमंत्री से मिलेंगे
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा कतई नहीं चाहते हैं कि उनका दबदबा कम हो और बदली परिस्थितियों में उनके समर्थकों का दरकिनार किया जाए। कुछ ऐसे ही अंदाज और उम्मीद के साथ बुधवार को बहुगुणा अपने समर्थक विधायकों के साथ मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलेंगे।
बहुगुणा के साथ सीएम से मिलने वाले विधायकों में सुबोध उनियाल, विजयपाल सजवाण, विक्रम नेगी, राजकुमार और उमेश शर्मा काऊ का नाम सामने आ रहा है।
जानकारों के मुताबिक विजय बहुगुणा सीएम से सुबोध उनियाल को मंत्री या फिर अन्य महत्वपूर्ण पद दिए जाने की पैरवी के साथ खुद राज्यसभा सदस्यता में उम्मीदवारी पर सर्वसम्मति से फैसला चाहते हैं।
बताते हैं कि केंद्रीय नेताओं ने भी मुख्यमंत्री से बातचीत कर समाधान निकालने की बात बहुगुणा से कही है। पहली फरवरी को जिस समय हरीश रावत को दिल्ली से मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाकर भेजा गया था।
उस समय उनके विरोधी विधायकों की संख्या 22 के आसपास थी। उस दौरान बहुगुणा और सतपाल महाराज कैंप के विधायक एक साथ हो गए थे।
रावत का कद और समर्थक विधायक बढ़े
पांच महीने बाद बदली परिस्थति और समीकरण ने प्रदेश की राजनीति में रावत का कद और समर्थक विधायक बढ़ा दिए हैं। इतना ही नहीं उपचुनाव और पंचायत में बेहतर नतीजों के बाद उनके खिलाफ नेताओं को पंचायत लगाना भी मुश्किल हो रहा है।
आलाकमान को खुश करने के बाद केंद्रीय नेताओं ने भी उत्तराखंड के मसले पर हरीश रावत से रायशुमारी शुरू कर दी है। सतपाल महाराज के समर्थक कहे जाने वाले विधायकों ने फिलहाल खुद को मुख्यमंत्री कैंप में ही शामिल कर लिया है।
बहुगुणा कैंप के भी कुछ विधायक मुख्यमंत्री की ओर से दी गई नई जिम्मेदारी के बाद तटस्थ की भूमिका में आ गए हैं। देहरादून के बहुगुणा समर्थक दो विधायक भी लगातार मुख्यमंत्री के इर्द-गिर्द देखे जा रहे हैं।
बदले हालात में विजय बहुगुणा कितनी और किस तरह अपने समर्थकों को महत्वपूर्ण पद दिला पाते हैं यह देखना होगा।