अर्द्धकुंभ मेले के आठवें बैशाखी स्नान के लिए प्रशासन की ओर से किए गए इंतजाम धरे के धरे रह गए। बुधवार को स्नान के लिए उम्मीद से बहुत कम श्रद्धालु पहुंचे। जबकि मेला प्रशासन ने लाखों श्रद्धालुओं की पहुंचने की उम्मीद जताई थी। अलबत्ता नेपाल और हिमाचल आदि राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी पर डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया, इस दौरान विभिन्न घाटों पर दान पुण्य के साथ आध्यात्मिक कर्म भी कराए गए।
अर्द्घकुंभ का मेला अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर है। प्रशासन ने बैशाखी पर भारी भीड़ की उम्मीद के साथ मंगलवार से ही जगह-जगह सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी थी। बुधवार सुबह चार बजे स्नान बेहद धीमी गति से शुरू हुआ। दिन चढ़ने के साथ भी घाटों पर कोई थोड़ी बहुत भीड़ नजर नहीं आई। दोपहर बाद अधिकतर घाट खाली हो गए।
हरकी पैड़ी, ब्रह्मकुंड, मालवीय द्वीप, सुभाषघाट पर स्थिति यह थी। भीड़ कम होने के बावजूद जगह-जगह ट्रैफिक रोके जाने को लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच नोकझोंक होती रही। अब प्रशासन 14 अप्रैल (आज) को आने वाली भीड़ की ओर निगाह लगाए हुए है।