सुरंग के दोनों सिरों से भी भीतर जाने की योजना बनाई गई। सभी कंपनियों की मशीनें लगातार सिलक्यारा पहुंच रही हैं। बृहस्पतिवार को भी मशीन पहुंची, जिनमें से एक मशीन संकरे रास्ते में फंस गई, जिसे निकालने का प्रयास जारी था।
एनएचआईडीसीएल के अफसरों का कहना है कि निश्चित तौर पर सभी विकल्पों की मजबूत तैयारी की जा रही है। ताकि, अगर जरूरत पड़ी तो तत्काल दूसरे विकल्पों पर काम तेज कर दिया जाएगा। उधर, टीएचडीसी ने बड़कोट सिरे से एस्केप टनल बनाने का काम तेज कर दिया है।
अफसर से लगाकर कर्मियों तक रेस्क्यू में जीजान से जुटे
12 दिन से चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में जहां अपने साथियों को बचाने के लिए मजदूर दो-दो दिन से सोये नहीं हैं, वहीं डीएम से लेकर एसपी और एनएचआईडीसीएल व अन्य एजेंसियों के अधिकारी और कर्मचारी भी पूरी रात सुरंग के भीतर रेस्क्यू में जुटे हुए हैं।