इन चार योजनाओं परहोगा काम
योजना एक : ऑगर मशीन के फंसे हिस्से को काटकर निकाला जाएगा। इसके बाद मैन्युअली यानि मजदूर हाथों से खोदाई कर मलबा निकालेंगे।
योजना दो: इसमें निर्माणाधीन सुरंग के ऊपरी क्षेत्र में 82 मीटर दूरी पर खोदाई होगी। इसके लिए मशीन का प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया गया है। मशीन के एक हिस्से को भी वहां पहुंचा दिया गया है।
योजना तीन : सुरंग के दूसरे छोर पाल गांव बड़कोट की तरफ से खोदाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। यह करीब पांच सौ मीटर हिस्सा है। इस अभियान में भी 12 से 13 दिन लगने का अनुमान है।
योजना चार: इसमें सुरंग के दोनों किनारों पर समानांतर (हॉरिजेंटल) ड्रिलिंग की जानी है। इसका सर्वे हो चुका है। रविवार को इस योजना पर भी काम शुरू किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री धामी बोले- दोबारा शुरू करेंगे खोदाई
शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रभारी मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु भी निरीक्षण करने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने बैठक की, जिसमें पीएमओ के भी अधिकारी शामिल हुए। सीएम धामी ने कहा, ये अभियान कठिन परिस्थितियों में चल रहा है। पाइप के भीतर 45 मीटर ब्लेड फंस गए थे, जिनका 20 मीटर हिस्सा काटकर निकाला जा चुका है। बाकी 25 मीटर को काटने के लिए हैदराबाद से प्लाज्मा कटर मंगाया गया है, जो देर शाम तक जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंच जाएगा। इस कटर के शनिवार की सुबह तक सिलक्यारा पहुंचने का अनुमान है। मशीन के टूटे ब्लेड हटाने के बाद मैन्युअल खोदाई शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि टनल के ऊपर वर्टिकल ड्रिल की तैयारी भी पूरी है।