सभी को सुरक्षित बाहर निकालना, पहली प्राथमिकता
सीएम ने कहा, मुझे बताया गया है कि वहां अत्याधुनिक मशीन ने काम करना शुरू कर दिया है। यह मशीन हर घंटे में पांच से 10 मीटर में ड्रिल करेगी। सब ठीक रहा है, तो सभी भाइयों को हम जल्द निकाल पाएंगे। वहां जितनी भी एजेंसियां काम कर रही हैं, उन्हें राज्य सरकार की ओर से हर प्रकार का सहयोग दिया जा रहा है। मुख्य सचिव व अन्य अधिकारी उनके संपर्क में हैं। तकनीकी चीजें उन्हीं को करनी है, राज्य सरकार उनको पूरा सहयोग देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टनल में फंसे सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। उनसे लगातार संपर्क हो रहा है। सभी को खाना, पानी, ऑक्सीजन सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। टनल के दौरान जो हालात बने, उन्हें पहले नहीं देखा जाना चाहिए था, इस प्रश्न पर सीएम ने कहा कि अभी हमारी सबसे पहली प्राथमिकता सभी को सुरक्षित बाहर निकालने की है।
एक प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टनल निर्माण का कार्य एनएचआईडीसीएल कर रही है। सुरंग का काम पूरा होने वाला था। 400 मीटर का काम शेष रह गया था। इसकी मॉनिटरिंग भी वही लोग कर रहे थे। लेकिन आगे के लिए हम इस तरह के सभी निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे।
सीएम ने अफसरों की बैठक में लिया अपडेट, दिए निर्देश
देर रात इंदौर से दून पहुंचे मुख्यमंत्री ने सुबह सचिवालय पहुंचकर उच्चाधिकारियों की एक बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव अभियान की जानकारी ली।
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उन्होंने कमिश्नर गढ़वाल और आईटी गढ़वाल से अपडेट लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बचाव अभियान में जुटी केंद्रीय एजेंसियों को हरसंभव मदद करें। उनके साथ बेहतर समन्वय बनाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि विषम परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होगा। इसके लिए हाईपावर ड्रिलिंग मशीन से काम हो रहा है। बैठक में एसीएस राधा रतूड़ी, सचिव आर मीनाक्षी सुंदर, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय व सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।