बैठक में राज्य महिला आयोग में 10 नए पद सृजित करने, आयोग के सदस्यों के मानदेय में बढोतरी और स्वच्छता कर्मी के वेतन वृद्धि का भी प्रस्ताव पारित किया गया।
राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के संरक्षण के लिए आगामी रणनीति तय की है। बुधवार को आयोग की बोर्ड में कई निर्णय लेने के साथ 13 जिलों के लिए नई कार्ययोजना तैयार की गई।
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महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग निदेशालय में आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में महिला सुरक्षा, अधिकार संरक्षण, जनजागरूकता, आयोग की कार्यप्रणाली के सुदृढ़ीकरण व कार्ययोजना पर चर्चा की गई। अध्यक्ष ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण को राष्ट्रीय विकास का आधार बनाया गया है।मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन बनाने के लिए काम रही है। प्रदेश के दूरस्थ पर्वतीय, ग्रामीण क्षेत्रों से भी महिलाएं अपनी शिकायतें और प्रार्थना पत्र लेकर आयोग तक पहुंच रही हैं। शिकायतों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं आयोग को न्याय एवं संरक्षण का विश्वसनीय मंच मान रही हैं। प्रत्येक पीड़ित महिला को समयबद्ध सहायता, विधिक परामर्श और न्याय दिलाना आयोग की जिम्मेदारी है।
बैठक में आयोग में 10 नए पद सृजित करने, आयोग के सदस्यों के मानदेय में बढोतरी और स्वच्छता कर्मी के वेतन वृद्धि का भी प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अलावा सभी जिलों में आयोग की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उपाध्यक्षों को जिलावार दायित्व प्रदान दिए गए। ऐश्वर्या रावत को पौड़ी, टिहरी व रुद्रप्रयाग, चंद्रकला तिवारी को उत्तरकाशी, चमोली, शायरा बानो को ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई। सदस्य अपने-अपने जिलों में नियमित जनसुनवाई, महिला जागरूकता कार्यक्रम, वन स्टॉप सेंटर निरीक्षण व महिला अधिकार संरक्षण से जुड़े कार्यों का संचालन करेंगे। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि उपाध्यक्ष व सदस्य निर्धारित जिलों में वन स्टॉप सेंटर में नियमित जनसुनवाई में शामिल होंगे।