राजधानी देहरादून और आसपास के ज्यादातर इलाकों में रविवार के बाद सोमवार को भी रिमझिम बारिश होती रही। इससे मध्यम हवाओं ने शीतलहर की स्थिति पैदा कर दी है। वहीं चारधाम सहित राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है। सोमवार को तीसरे दिन भी मैदानी और निचले इलाकों में बारिश का दौर जारी है। नैनीताल में भी सोमवार को बर्फबारी हुई। जिससे वहां पहुंचे पर्यटकों के चेहरे खिल गए। लोगों ने बर्फबारी में खूब मजे किए और फोटो खिंचवाईं।
मसूरी में पांचवें दिन भी मौसम खराब बना हुआ है। शहर में हल्की बारिश हो रही है और घना कोहरा छाया है। यहां सर्दी का सितम जारी है। सोमवार को भी बुरांशखंडा में हल्की बर्फबारी हुई है।चमोली जनपद में बारिश-बर्फबारी का दौर लगातार जारी है। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, लाल माटी, फूलों की घाटी, गौरसों बुग्याल, औली सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। निचले इलाकों में बारिश जारी है। बदरीनाथ हाईवे पर हनुमानचट्टी से आगे लगभग तीन फीट बर्फ जम गई है। चमोली जनपद में 100 से अधिक गांव बर्फ से ढक गए हैं। यहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे, जोशीमठ-औली, गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ मार्ग अवरुद्घ हो गए हैं। औली रोड पर कवांण बैंड से आगे वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। यहां पर्यटकों के वाहन फंस रहे हैं। सोमवार को औली जा रहे पर्यटकों के वाहन बर्फ में फंस गए, किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने वाहनों को धक्का मारकर बर्फ से सुरक्षित निकाला। पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने पर्यटकों को बर्फ में सावधानीपूर्वक वाहनों के संचालन का आह्वान किया है।
Uttarakhand Weather: केदारनाथ में 14 फीट तक बर्फ जमा, बर्फबारी से बदरीनाथ हाईवे कई जगह बंद, तस्वीरें
रुद्रप्रयाग जिले में भी रातभर रुक-रुक कर बारिश हुई है। यहां सुबह से घने बादल छाए हुए हैं। केदारनाथ में भारी बर्फबारी हुई है। नई टिहरी दो दिन बाद रविवार रात बारिश थमी। यहां सुबह से बादल छाए हैं। चंबा-धनोल्टी मोटर मार्ग बर्फबारी के कारण दूसरे दिन भी नहीं खुल पाया है। यमुनोत्री घाटी में बारिश और बर्फबारी थमी हुई है। यहां पर दो दिनों से बर्फबारी के चलते करीब डेढ़ फीट बर्फ जमी हुई है।
धनोल्टी में दो दिन से बिजली की आपूर्ति ठप
तीन दिन से हो रही बारिश और बर्फबारी से चंबा-धनोल्टी मार्ग पर दूसरे दिन भी यातायात बहाल नहीं हो पाया। बर्फबारी से सीमांत गंगी गांव की सड़क भी बाधित हो गई। जबकि धनोल्टी क्षेत्र में दो दिन से बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी है। लोगों को मोमबत्ती के सहारे रात गुजारी पड़ रही है।
बारिश और बर्फबारी क्षेत्र में लोगों और पर्यटकों के लिए मुसीबत बन गई है। पिछले तीन दिन से जिले में लगातार बारिश हो रही है। धनोल्टी, काणाताल, कद्दूखाल, सुरकंडा, सेम मुखेम, प्रतापनगर और गंगी गांव सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी के कारण सुवाखोली से धनोल्टी मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गया है। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण सड़क पर फिसलन हो गई है। हालांकि सड़क से बर्फ हटाने के लिए जेसीबी लगाई गई है, लेकिन बार-बार बर्फबारी होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। वहीं दो दिन से धनोल्टी में बिजली आपूर्ति ठप पड़ी हुई है, जिस कारण स्थानीय लोगों को रात मोमबत्ती के सहारे गुजारनी पड़ रही है।
नई टिहरी में न्यूनतम तापमान रहा माइनस एक डिग्री
धनोल्टी व्यापार मंडल के अध्यक्ष रघुवीर रमोला, व्यापारी कुंदन सिंह बैलवाल, यशपाल बैलवाल ने बताया कि बहुत कम संख्या में पर्यटक यहां रह गए हैं। अधिकांश लोग बाया मसूरी होते हुए घरों को लौट गए हैं। बिजली न होने के कारण सबसे अधिक दिक्कतें आ रही हैं। बारिश, बर्फबारी से तापमान में भी लगातार गिरावट आ रही है। नई टिहरी में सोमवार को 37.6 एमएम बारिश रिकार्ड दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 3.8 और न्यूनतम तापमान -1 डिग्री दर्ज किया गया है।
चोपडियाली गांव से आगे रोके वाहन
बर्फबारी देखने के लिए दिल्ली, चड़ीगढ़, हरिद्वार, रुड़की से सैलानी धनोल्टी का रुख कर रहे हैं, लेकिन सड़क बंद होने के कारण पुलिस प्रशासन वाहनों को चोपडियाली गांव से आगे नहीं जाने दे रही है। ऐसे में वाहनों की लंबी कतार होने के कारण बार-बार वहां जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। चंबा-चोपडियाली गांव के बीच पर्यटक जगह-जगह बर्फबारी का लुत्फ उठा रहे हैं। धनोल्टी में तीन फीट तक बर्फ गिर चुकी है। संवाद
बर्फबारी अधिक होने के कारण धनोल्टी तक पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं। धनोल्टी के कुछ क्षेत्र में वैकल्पिक रूप से बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। मौसम ठीक होते ही सभी क्षेत्रों में बिजली की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
- अर्जुन प्रताप, ईई ऊर्जा निगम टिहरी।
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मलबा आने से आठ घंटे ठप रहा पौड़ी हाईवे, वाहनों में फंसे रहे लोग
शनिवार सुबह से क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण रविवार रात को कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर आमसौड़ के पास आठवें किमी पर पहाड़ी टूटकर गिर गई। हाईवे पर भारी बोल्डर मलबा जमा हो जाने से करीब आठ घंटे हाईवे ठप रहा। लोक निर्माण विभाग एनएच खंड धुमाकोट के कर्मियों ने किसी प्रकार पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग को यातायात के लिए खोला। इस दौरान सोमवार को अपने कार्यालयों को जाने वाले सरकारी कर्मचारी और लैंसडौन जाने वाले पर्यटक आठ घंटे तक हाईवे पर फंसे रहे।