उसने ही घर के कुछ दूरी पर रह रहे अन्य परिजनों को हादसे की सूचना दी। लोग घटनास्थल पर पहुंचे लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आपदा कंट्रोल रूम और प्रशासन को भी सूचना दी गई लेकिन सड़क बंद होने की वजह से एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन और राजस्व पुलिस की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब सात घंटे लग गए। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद तीनों मृतकों के शव मलबे से बाहर निकाले गए।
उधर, रविवार को यूपी के मुरादाबाद के पूनम विहार बैंक कालोनी निवासी राजेश कुमार ( 30) पुत्र राम अवतार, पत्नी, दो बच्चों और भाई तथा उनकी पत्नी व दो बच्चों के साथ कार्बेट पार्क से लगे मरचूला क्षेत्र में घूमने आए थे। सुबह 11 बजे सभी रामगंगा नदी में नहाने लगे। इसी दौरान एकाएक नदी में बाढ़ आ गई और पानी के तेज बहाव के बीच छह परिजन तो किसी तरह किनारे आ गए, लेकिन राजेश कुमार और उनके पुत्र कार्मिक (8) तेज बहाव में बह गए।
सूचना पर उपजिलधिकारी शिप्रा जोशी, तहसीलदार दलीप सिंह, थानाध्यक्ष धीरेंद्र पंत, राजस्व उप निरीक्षक कौशल चौहान आदि मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों और गोताखोरो ने नदी में बहे पिता पुत्र की ढूंढखोज शुरू की लेकिन देर शाम तक उनका कोई पता नहीं चल सका।