पिता ने पुत्र को बाहर निकालने का काफी प्रयास किया। दोनों काफी देर तक नदी के किनारे आने के लिए जूझते रहे। बाद में स्थानीय निवासी मुकेश भदोला और रोहित रस्सी लेकर उन्हें बचाने पहुंचे। उन्होंने रस्सी नदी में डाली राजेश और कार्मिक ने रस्सी पकड़ भी ली थी, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था की रस्सी उनके हाथ से छूट गई और पानी के तेज बहाव में पिता पुत्र बह गए।
सूचना मिलने पर उपजिलधिकारी शिप्रा जोशी, तहसीलदार दलीप सिंह, थानाध्यक्ष धीरेंद्र पंत, राजस्व उप निरीक्षक कौशल चौहान आदि मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों और गोताखोरो ने नदी में बहे पिता पुत्र की ढूंढखोज शुरू की लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका है।
तहसीलदार दलीप सिंह ने बताया कि करीब पांच किमी आगे पौड़ी जिले की सीमा लगती है। वहां के प्रशासन को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। पौड़ी सीमा पर बजरोटी में वहां के स्थानीय गोताखोर नदी में बहे मुरादाबाद के पर्यटकों की खोजबीन में लगे हैं। उन्होंने बताया कि रामनगर से एसडीआरएफ की टीम भी बुला ली गई है।