मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक अमूमन 28 सितंबर तक उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों से मानसून चला जाता था, लेकिन इस बार मानसून की सक्रियता एक हफ्ते बाद तक जारी रही। इसका ही असर रहा कि चार-पांच अक्तूबर तक राज्य के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश देखने को मिली।
इस बार सामान्य से दो फीसदी कम हुई बारिश
हर साल राज्य में सामान्यत: 1176.9 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 1153.4 मिमी बारिश हुई। इस साल बागेश्वर में सबसे अधिक 2215.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य बारिश 842.7 से काफी अधिक है।
वहीं, हरिद्वार में सबसे कम 752 मिमी बारिश हुई है। जबकि सामान्यत: हरिद्वार में 971.2 मिमी बारिश होती है। जहां तक राजधानी दून का सवाल है तो देहरादून में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई। देहरादून में इस साल महज 1362.4 फीसदी बारिश हुई। जबकि देहरादून में 1524.6 मिमी बारिश होती है।