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Weather Forecast: अलर्ट के बाद देहरादून में हुई बारिश, चमधार में बदरीनाथ हाईवे फिर हुआ बंद

Thu, 05 Aug 2021 10:36 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

मौसम विभाग ने भी आज उत्तरकाशी, टिहरी, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और अल्मोड़ा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
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यमुनोत्री हाईवे बंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में मौसम पल-पल करवट बदल रहा है। राजधानी देहरादून और हरिद्वार में सुबह की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ हुई। रुद्रपुर, बाजपुर, बागेश्वर, यमुनोत्री घाटी में बादल छाए रहे। वहीं, मौसम विभाग ने भी आज उत्तरकाशी, टिहरी, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और अल्मोड़ा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उधर, पहाड़ो की रानी मसूरी में भी बारिश जरी है। शहर में बारिश के कारण घना कोहरा छाया हुआ है। 

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Dehradun: कुछ देर की बारिश में ही राजधानी की सड़कें हुईं लबालब, देखें वीडियो...

बदरीनाथ हाईवे बंद
चमधार में ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। जेसीबी से मलबा हटाते ही दोबारा भूस्खलन होने से हाईवे को सुचारु करने में दिक्कत आ रही है। उधर, काकगड़ागाड़ में हुए भूस्खलन से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे दो घंटे बंद रहा।श्रीनगर से करीब सात किलोमीटर दूर चमधार-फरासू के बीच बृहस्पतिवार सुबह लगभग पांच बजे हाईवे पर मलबा आ गया, जिससे श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच यातायात अवरुद्ध हो गया। हालांकि पुलिस ने वैकल्पिक रूट पर यातायात डायवर्ट किया। लोनिवि के एई मोहम्मद तहसीन ने बताया कि सुबह नौ बजे हाईवे लगभग 70 प्रतिशत साफ कर दिया गया था, लेकिन दोबारा मलबा आने से बंद हो गया। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। एक ऑपरेटर चोटिल भी हुआ है। 
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उधर, कुंड के समीप काकड़ागाड़ में भूस्खलन होने से गौरीकुंड हाईवे अवरुद्ध हो गया था। एनएच व ऑलवेदर रोड परियोजना की कार्यदायी संस्था द्वारा मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया गया। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग के समीप भटवाड़ीसैंण और नौलापानी में भी भूस्खलन जोन सक्रिय हो रखे हैं, जिससे खतरा बना हुआ है। उधर, कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे पापड़ी (घाटी-मूस्तूरा) के समीप भूधंसाव से प्रभावित हो गया है। एनएच की ओर से यहां पर मिट्टी भरान कर वैकल्पिक व्यवस्था कर छोटे वाहनों का संचालन किया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि जिले में बारिश से छह सड़कें अभी भी बंद हैं। 

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे रहा दो घंटे अवरुद्ध
काकगड़ागाड़ में हुए भूस्खलन से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे दो घंटे बंद रहा। उधर, कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-चमोली हाईवे पापड़ी के सामने संवेदनशील बना हुआ है। वहीं, जखोली ब्लॉक के पूर्वी बांगर को जोड़ने वाला छेनागाड़-घंसासू-बांगर मार्ग मलबा आने से दिनभर अवरुद्ध रहा।

कुंड के समीप काकड़ागाड़ में भूस्खलन होने से गौरीकुंड हाईवे अवरुद्ध हो गया था। एनएच व ऑलवेदर रोड परियोजना की कार्यदायी संस्था द्वारा मलबा हटाकर यातायात सुचारु किया गया। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग के समीप भटवाड़ीसैंण और नौलापानी में भी भूस्खलन जोन सक्रिय हो रखे हैं, जिससे खतरा बना हुआ है। उधर, कुंड-ऊखीमठ-चोपता-मंडल-गोपेश्वर हाईवे पापड़ी (घाटी-मूस्तूरा) के समीप भूधंसाव से व्यापक रूप से प्रभावित हो गया है। एनएच की ओर से यहां पर मिट्टी भरान कर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत छोटे वाहनों का संचालन किया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि जिले में बारिश से छह सड़कें अभी भी बंद हैं। 

डागर क्षेत्र में अतिवृष्टि से खेतों में घुसा पानी 

टिहरी जिले की तहसील कीर्तिनगर के थाती डागर, कोठार और चोपड़िया में बृहस्पतिवार सुबह हुई तेज बारिश से खेतों में पानी भरने के साथ ही जेसीबी, कार व एक मुर्गी फार्म मलबे में दब गए। सड़क, पेयजल लाइन एवं विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं, क्षेत्रीय विधायक और तहसीलदार ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। बुधवार शाम डागर क्षेत्र में तेज बारिश हुई। करीब चार घंटे की बारिश से थाती, कोठार व चोपड़िया गांव के खेत मलबा घुसने से बर्बाद हो गए। बारिश से करीब 60 से अधिक खेत ध्वस्त हो गए हैं। 

तहसीलदार सुनील राज ने बताया कि थाती-कोठार-गोदी मोटर मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। पुलिया भी क्षतिग्रस्त हुई है। इससे यातायात अवरुद्ध हो गया है। पीएमजीएसवाई सड़क खोलने का प्रयास कर रही है। विद्युत लाइन की मरम्मत के लिए कर्मी पहुंच चुके हैं। चोपड़िया में एक भवन भूस्खलन से खतरे की जद में है। विधायक विनोध कंडारी ने बताया कि अधिकारियों को नुकसान का पूरा आकलन कर आपदा मद में काश्तकारों को उचित मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। 

गलोगी धार की पहाड़ी से गिरे बोल्डर, यातायात हुआ प्रभावित
मसूरी शहर में बृहस्पतिवार को हल्की बारिश हुई। साथ ही दिनभर कोहरा छाया रहा। बारिश के बाद गलोगी धार की पहाड़ी से मलबा गिर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। मसूरी के लिए नासूर बनी गलोगी धार की पहाड़ी से लगातार पत्थर और बोल्डर गिर रहे हैं। इससे लोागों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग पहाड़ी के ट्रीटमेंट की मांग कर रहे हैं। गलोगी धार से पिछले 15 दिनों से बार-बार पत्थर और मलबा गिरने की घटना हो रही है। वहीं, लोनिवि के अपर सहायक अभियंता पुष्पेन्द्र कुमार खैरा ने बताया कि सड़क पर पत्थर और मलबा आना जैसे ही रूकता है, जेसीबी लगाकर सफाई शुरू कर दी जाती है।

सिनखाल गांव में मकान का आंगन क्षतिग्रस्त
बुधवार रात को भारी बारिश से बसक्वाली ग्रामसभा के सिनखाल गांव में एक मकान का आंगन व बाथरूम क्षतिग्रस्त हो गया। खतरे को देखते हुए परिवार के लोग सुरक्षित स्थान पर चले गए। पूर्व प्रधान हेमंत सेमवाल और कनिष्ठ प्रमुख अनीता सेमवाल ने बताया कि बारिश से रघुबीर चौहान के मकान का आंगन धंसने लगा। तड़के करीब तीन बजे मकान का आंगन व बाथरूम टूट गया और मकान पर दरारें पड़ गईं। उन्होंने प्रभावित परिवार के पुनर्वास और उनको त्वरित राहत देने की मांग की। वहीं एसडीएम वैभव गुप्ता ने कहा कि पटवारी नीरज पुरोहित को मौके पर भेजा गया है। 

पिंडर नदी से हो रहे कटाव से बस्ती को खतरा
सिमली में विद्यापीठ, बगड़ व शिशु मंदिर के आसपास पिंडर नदी के वेग से कटाव हो रहा है। लोगों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से यहां तटबंध और सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की। सिमली बाजार के गोपी डिमरी, बलबीर लाल, बीरेंद्र कुमार व जयदीप गैरोला ने बताया कि बारिश से शिशु मंदिर, बगड़ आवासीय बस्ती व औद्योगिक क्षेत्र के नीचे पिंडर नदी से लगातार कटाव हो रहा है। कहा कि सात साल पहले आई बाढ़ में सुरक्षा दीवार व तटबंध बह गए हैं। वहीं सिंचाई विभाग के ईई मोहन बुटोला ने कहा कि सुरक्षा दीवार व चेकडैम का आकलन कर जल्द शासन को भेजा जाएगा। 

पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से युवक की मौत

पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। युवक की मौत से परिवार के सदस्य और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं। न्यू सोबला निवासी विशाल दरियाल (28) बुधवार की देर शाम को किसी काम से धारचूला आ रहे थे। नारायणपुर के पास पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने प्रशासन को सूचना दी। एसआई हरजीत सिंह ने बताया कि पंचनामे और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। बता दें कि तवाघाट-सोबला सड़क पिछले 50 दिनों से बंद चल रही है। इससे सीमांत के लोग पैदल आवाजाही कर रहे हैं। भारी बारिश के कारण बोल्डर और मलबे के गिरने से जगह-जगह खतरा हो रहा है।

मलबे से मकान ध्वस्त, बच्चे बाल-बाल बचे
चौखुटिया के टढ़ियाल बाखली में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से पहाड़ी का मलबा आने से मकान ध्वस्त हो गया। घर का सारा सामान भी मलबे में दब गया। घर में मौजूद दो बच्चों के समय रहते निकलने से बड़ा हादसा बच गया। बृहस्पतिवार को टढ़ियाल बाखली निवासी तारा सिंह राणा पुत्र स्व. बिशन सिंह राणा काम पर गए थे। उनकी पत्नी घास काट रही थी। दोपहर करीब एक बजे हुए भूस्खलन से तारा सिंह के मकान पर मलबा आ गया और मकान ध्वस्त हो गया। घटना के चंद मिनट पहले पहुंचे तारा सिंह के चचेरे भाई राजेंद्र सिंह राणा को जैसे भी पहाड़ी के गिरने का आभास हुआ, उन्होंने तुरंत घर के अंदर बैठे तारासिंह के दो बच्चों को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला। राजेंद्र ने बताया कि यदि चंद मिनट की भी देरी हो जाती तो दोनों बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती थी। मकान ध्वस्त होने से मकान स्वामी का सारा सामान दब गया है। घर में खाने के लिए राशन तक नही बचा है। घटना की जानकारी पर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयना कर क्षति का आकलन किया।  

बागेश्वर में हुई झमाझम बारिश, नौ सड़कें बंद 
बागेश्वर में बृहस्पतिवार को झमाझम बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। बारिश के कारण नौ सड़कों पर यातायात बाधित रहा। यातयात बाधित रहने से करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित रही। बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे डेढ़ घंटे तक जिला मुख्यालय के साथ ही तमाम हिस्सों में तेज बारिश हुई। अचानक हुई बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। बारिश से तहसील रोड पर पंजाब नेशनल बैंक से आगे मजियाखेत की ओर से भारी मात्रा में मलबा और बरसाती पानी सड़क पर आ गिरा। सड़क किनारे कूड़ा जमा होने से बरसाती पानी सड़क पर फैल गया। लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गरुड़-द्यौनाई, असौं-बसकुना, पोथिंग-शोभाकुंड, कंधार-लोहागड़ी, बिजौरीझाल-ओखलसौं, पंद्रपाली-पुरकोट, रिखाड़ी-वाछम, मुनारबैंड-सूपी और बघर सड़क पर यातायात बाधित रहा।  
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नदियों का जलस्तर बढ़ा, मार्गों पर आया मलबा

कौसानी और गरुड़ में बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। दो घंटे हुई मूसलाधार बारिश से गरुड़-गागरीगोल-चनोली और गरुड़-कपकोट मोटरमार्ग पर जगह-जगह मलबा आ गया। बारिश से गरुड़ गंगा और गोमती का जलस्तर बढ़ गया है। 

अल्मोड़ा में हुई रिमझिम बारिश
जिले में बृहस्पतिवार को पूरा दिन रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। बारिश के बीच लोगों के कामकाज प्रभावित हुए। इस दौरान नगर का अधिकतम तापमान 25 तो न्यूनतम 21 डिग्री रहा। तापमान में गिरावट होने से गर्मी से काफी हद तक राहत मिली। 

कोसी नदी में आई बाढ़, छह घंटे नहीं चले पेयजल पंप
कोसी नदी में बाढ़ आने से अल्मोड़ा नगर की पेयजल आपूर्ति आए दिन बाधित हो रही है। नदी में बाढ़ आने से बुधवार रात छह घंटे पेयजल पंप नहीं चले। इससे शहर के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी।  

बुधवार रात बारिश होने से कोसी नदी में बाढ़ आ गई। नदी का पानी गंदा होने के साथ ही गाद भी बहकर आ गई। इस कारण रात दो बजे से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक कोसी नदी में स्थित जल संस्थान के पेयजल पंप नहीं चल सके। इस कारण शहर के ढूंगाधारा, पूर्वी पोखरखाली, धारानौला, एनटीडी, पांडेखोला आदि इलाकों में बृहस्पतिवार को पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। जल संस्थान के सहायक अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि पंपिंग नहीं होने से आपूर्ति प्रभावित रही। शाम को शहर के अन्य हिस्सों में पानी की आपूर्ति की गई। शुक्रवार से पानी की आपूर्ति सुचारु हो जाएगी। 
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