बदरीनाथ हाईव पागलनाले में करीब 10 घंटे तक बंद रहा। एनएच की जेसीबी ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह एनएच पर यातायात सुचारू किया। इस दौरान वहां मलबे में एक एंबुलेंस भी फंसी रही।
शुक्रवार रात करीब 10 बजे भारी बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे पर पागलनाले के पास भारी मलबा आ गया। रात को यहां से गुजर रही एक एंबुलेंस भी मलबे के दलदल में फंस गई। शनिवार सुबह पांच बजे एनएच की जेसीबी मौके पर पहुंची और एंबुलेंस को बाहर निकाला। गनीमत रही कि एंबुलेंस में मरीज नहीं था।
एंबुलेंस मरीज छोड़कर जोशीमठ वापस आ रही थी। उसके बाद हाईवे खोलने का काम शुरू किया गया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब आठ बजे हाईवे पर यातायात सुचारू कर दिया गया।
जुगजू गांव में फिर भूस्खलन, गुफा में बिताई रात
जोशीमठ के जुगजू गांव में शुक्रवार रात को फिर से भूस्खलन हुआ तो जान बचाने के लिए ग्रामीण जंगल की ओर भाग गए। ग्रामीणों ने जंगल की गुफाओं में ही पूरी रात गुजारी। एक सप्ताह पहले भी जुगजू गांव के ऊपर पहाड़ी टूटने पर लोग जंगल में सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए थे। लगातार भूस्खलन होने पर गांव के कुछ परिवार एक सप्ताह से प्राथमिक विद्यालय में रहने लगे थे।
संग्राम सिंह ने बताया कि दो-तीन दिनों से भूस्खलन बंद हो गया था, जिससे लोग काश्तकारी के लिए शुक्रवार को अपने घर लौट गए थे। लेकिन रात 11 बजे फिर पहाड़ी से भूस्खलन शुरू हो गया और बोल्डर खेतों में गिरने लगे, जिसके बाद फिर जंगल की ओर गुफाओं में चले गए। सभी ने पूरी रात गुफा में ही गुजारी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से पुनर्वास की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो पा रही है। जबकि गांव की स्थिति ऐसी है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। गांव के पुनर्वास के अलावा अब कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
लापता टैंकर चालक और भाई का नहीं लगा सुराग
गुरुवार रात श्रीनगर के सिरोहबगड़ में मलबे में लापता डीजल टैंकर ड्राइवर और उसके भाई का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम शनिवार को दिनभर अलकनंदा नदी में टैंकर और लापता लोगों की तलाश करती रही। वहीं, बदरीनाथ हाईवे पर यातायात सुचारू रहा।